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रामपुर के कई युवाओं को पाकिस्तान में मिली आतंकी ट्रेनिंग, भेजता था शहजाद: सिरसा के जिस एयरबेस पर दागी मिसाइल, उसकी जानकारी तारीफ ने भेजी थी सीमा पार

शहजाद कॉस्मेटिकेस, नकली आभूषण, महिलाओं के कपड़े जैसे तस्करी का काम करता था। इसमें उसने रामपुर के कुछ युवकों को भी शामिल किया और धीरे-धीरे ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजने की पूरी तैयारी की।

पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर एयर स्ट्राइक के बाद से हरियाणा और पंजाब से अब तक 8 पाकिस्तानी जासूस पकड़े जा चुके हैं। इस कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से पकड़े गए जासूस शहजाद को लेकर एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड (ATS) ने बड़ा खुलासा किया है।

ATS के अनुसार, शहजाद भारत में एक बड़े आतंकी हमले की तैयारी में था। कई दिनों तक निगरानी रखने के बाद उसे पकड़ा गया।

शहजाद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में 18 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शहजाद भारत-पाकिस्तान की सीमा पर अवैध रूप से कॉस्मेटिक, मसाले, कपड़े समेत अन्य चीजों के तस्करी करता था।

इसी दौरान वह ISI एजेंट के संपर्क में आया और पाकिस्तान के लिए काम करने लगा। शहजाद के साथ-साथ 17 मई 2025 को हरियाणा के नूँह से पकड़े गए मोहम्मद तारीफ का भी बयान सामने आया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, एक वायरल वीडियो में तारीफ ने इस बात को माना है कि पाकिस्तानी दूतावास में काम करने वाले आसिफ बालौच और जाफर से उसने भारतीय सिम कार्ड के जरिए बातचीत की और व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क में था ताकि सुरक्षा एजेंसी के सर्विलांस पर न आ सके।

तारीफ ने यह बात भी मानी है कि आसिफ बालौच और जाफर के कहने पर ही उसने पाकिस्तान को सिरसा एयरपोर्ट स्टेशन की जानकारी भेजी।

नूँह से ही राजाका गाँव से सुरक्षा जाँच एजेंसी टीम ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले अरमान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बावला गाँव से मोहम्मद तारीफ को गिरफ्तार किया गया। दोनों को पुलिस टीम ने सप्ताह भर की रिमांड पर लिया है। उनसे और जानकारियाँ जुटाई जा रही हैं।

लोगों का नेटवर्क तैयार कर रहे थे शहजाद और तारीफ

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का मानना है कि तारीफ और अरमान स्लीपर सेल की तरह काम करते थे और ISI का नेटवर्क बढ़ाने के लिए लोगों को तैयार करते थे। सुरक्षा एजेंसियाँ उस दुकान की भी खोज में हैं जहाँ से अरमान और तारीफ ने सिमकार्ड खरीदे थे।

एटीएस की मानें तो शहजाद रामपुर के कई युवाओं को पाकिस्तान भेज चुका था। वहाँ उन्हें जासूसी और हिंसक गतिविधियों की ट्रेनिंग दी गई। इन सभी का वीजा खुद शहजाद ने लगवाया जिसमें ISI एजेंट्स की उसे मदद मिली।

पुलिस को यह भी पता चला है कि शहजाद पाकिस्तान उच्चायोग में काम करने वाले अधिकारी एहसान उर रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में था। दानिश का नाम पहले ही ISI एजेंट के तौर पर काम करने में सामने आ चुका है। उसके संपर्क में हरियाणा की ज्योति मल्होत्रा भी रही है जिसे गिरफ्तार किया गया है।

तस्करी के बहाने जासूसी की तैयारी

शहजाद कॉस्मेटिकेस, नकली आभूषण, महिलाओं के कपड़े जैसे तस्करी का काम करता था। इसमें उसने रामपुर के कुछ युवकों को भी शामिल किया और धीरे-धीरे सभी को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजने की पूरी तैयारी की।

पाकिस्तान जासूसी एजेंसियों ने सोशल मीडिया और इंक्रिप्टेड एप्लीकेशंस का भरपूर उपयोग किया। व्हाट्सएप के कॉल और इंक्रिप्टेड मैसेज के जरिए जासूसी करने से लेकर सोशल मीडिया को लोगों से जुड़ने का जरिया बनाया जिससे सुरक्षा एजेंसी के रडार पर न आ सकें। सुरक्षा एजेंसियाँ इस पर भी अपनी जाँच कर रही हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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