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हिडमा को ‘हीरो’ मानता था अक्षय, नक्सल समर्थन के मिले लिंक: इंडिया गेट प्रोटेस्ट में दिल्ली पुलिस ने खोला प्रदर्शनकारियों का कच्चा चिट्ठा, जानें ‘चिली स्प्रे गैंग’ का क्या था असली प्लान?

दिल्ली पुलिस की जाँच में सामने आया कि इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण के बहाने आयोजित प्रदर्शन के पीछे नक्सली एजेंडा था, जिसमें BSCEM समूह के 23 सदस्य शामिल थे। मुख्य आरोपित अक्षय ईआर और अन्य सदस्यों ने मिर्च स्प्रे हमले, नक्सल समर्थक नारे और पुलिस कार्य में बाधा डालने जैसी गतिविधियों में भाग लिया।

दिल्ली पुलिस की जाँच में सामने आया है कि इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शन के पीछे नक्सली एजेंडा छिपा था। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों का मुख्य समूह ‘भगत सिंह छात्र एकता मंच’ (BSCEM) था, जिसका मकसद मारे गए नक्सली माडवी हिडमा का समर्थन करना था।

जानकारी के अनुसार, मिर्च स्प्रे से पुलिसकर्मी पर हमला करने वाला अक्षय ईआर इस साजिश का मुख्य आरोपित है, जिसके फोन से नक्सलियों से जुड़े सबूत मिले हैं। पुलिस ने इस मामले में 23 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जो अभी जेल में हैं।

मुख्य आरोपित और उसका नक्सली कनेक्शन

पुलिस दस्तावेजों के मुताबिक, जाँच में सामने आया है कि इस विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों की भूमिकाएँ क्या थीं और उनके क्या कनेक्शन थे।

अक्षय ईआर मिर्च स्प्रे से हमला करने वाला- अक्षय ईआर मुख्य साजिशकर्ता समूह BSCEM का एक एक्टिव मेंबर है। विरोध के दौरान, उसने कांस्टेबल ईशांत की आँखों में मिर्च स्प्रे कर दिया था। वीडियो में वह यह करते हुए साफ दिखा है, और पुलिस ने उसके पास से मिर्च स्प्रे की बोतल भी बरामद की है।

पुलिस ने जब उसका फोन जब्त करके जाँच की, तो उसमें नक्सलियों से संबंधित वीडियो और लिंक मिले। उसके फोन पर BSCEM की अध्यक्ष गुरकीरत का एक मैसेज भी मिला, जिसमें वे नक्सली माडवी हिडमा को हीरो बताकर उसके बारे में बात कर रहे थे। अक्षय वीडियो में हिडमा के समर्थन में नारे लगाता और उससे जुड़ा पोस्टर पकड़े हुए भी दिखा है।

गुरकीरत BSCEM की अध्यक्ष और मुख्य साजिशकर्ता- गुरकीरत भगत सिंह छात्र एकता मंच (BSCEM) की अध्यक्ष है। पुलिस ने कहा है कि BSCEM ही वह मुख्य समूह था जिसने इस प्रदर्शन को आयोजित किया था। पुलिस का दावा है कि प्रदूषण के नाम पर बुलाए गए इस प्रदर्शन में उनका एजेंडा साफ था कि वे माडवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाएँगे।

हिडमा के समर्थन वाले पोस्टरों पर भी ‘BSCEM’ का नाम साफ तौर पर लिखा था। BSCEM के इंस्टाग्राम पेज पर भी हिडमा को महिमामंडित करने वाली पोस्ट मिली हैं। गुरकीरत इस वॉट्सऐप ग्रुप की एडमिन भी है। उसने अपनी बहन रवजोत और आयशा वाफियाथ के साथ हैदराबाद में प्रतिबंधित नक्सली समूह ‘रेडिकल स्टूडेंट यूनियन’ (RSU) के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था और वहाँ नक्सल समर्थक नारे लगाए थे।

पुलिस का मानना है कि वह इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता है और समूह को चला रही है। जब कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया तो वह भी दूसरों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुँची और पुलिस अधिकारियों को काम करने से रोका।

रवजोत कौर, गुरकीरत की बहन और ग्रुप एडमिन- रवजोत कौर, गुरकीरत की सगी बहन है और BSCEM समूह की मुख्य सदस्य है, जो ग्रुप चलाने में मदद करती है। वह BSCEM वॉट्सऐप ग्रुप की एडमिन भी है। वीडियो में वह हिडमा के समर्थन में नारे लगाती साफ दिख रही है।

रवजोत कौर ने भी गुरकीरत और आयशा के साथ प्रतिबंधित RSU के कार्यक्रम में जाकर नक्सल समर्थक नारे लगाए थे। उसने भी BSCEM के नाम से हिडमा को महिमामंडित करने वाले पोस्टर बनाए थे। वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम पर भी हिडमा के एनकाउंटर की निंदा करने वाली बातचीत मिली है। वह भी मुख्य साजिशकर्ता है, जिसने थाने जाकर पुलिस के काम में बाधा डाली।

आयशा वाफियाथ मिधाथ और श्री इलक्किया- ये दोनों भी BSCEM समूह की एक्टिव मेंबर हैं। आयशा भी BSCEM वॉट्सऐप ग्रुप की सदस्य है और वीडियो में हिडमा के समर्थन में नारे लगाते दिखी है। उसने और श्री इलक्किया ने भी गुरकीरत और रवजोत के साथ प्रतिबंधित RSU के कार्यक्रम में भाग लिया और नक्सल समर्थक नारे लगाए।

इलक्किया को वीडियो में जोर-जोर से यह नारा लगाते देखा गया कि ‘हिडमा अमर रहे, कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा निकलेगा, हिडमा जी को लाल सलाम’। ये दोनों भी मुख्य साजिशकर्ता हैं जिन्होंने थाने जाकर पुलिस के काम में रुकावट पैदा की।

क्रांति उर्फ प्रियांशु सिंह, गुमराह करने का आरोप- क्रांति को भी हिडमा के समर्थन में नारे लगाते देखा गया। उसने ‘हिमखंड ग्रुप’ बनाया और उस वॉट्सऐप ग्रुप की एडमिन है, जहाँ प्रदर्शन के लिए लोगों को बुलाया गया था। वह प्रदर्शन को आयोजित करने वालों में से थी और रवजोत और गुरकीरत के संपर्क में थी। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि वह जाँच को गुमराह कर रही है और उसने अपना मोबाइल फोन नंबर नहीं दिया है।

विष्णु तिवारी, फर्जी जानकारी फैलाने का आरोप- विष्णु तिवारी से मिर्च स्प्रे की एक बोतल मिली है। वीडियो में वह प्रदर्शनकारियों को ट्रैफिक रोकने और सड़क जाम करने के लिए उकसाता हुआ दिखा है। उसके फोन की चैट से पता चला कि वह क्रांति उर्फ प्रियांशु सिंह के संपर्क में था, जिसने नक्सल समर्थक नारे लगाए थे।

विष्णु तिवारी के फोन में एक स्क्रीनशॉट मिला, जिससे पता चला कि ये लोग यह फर्जी खबर फैला रहे थे कि हिडमा को आत्मसमर्पण के बहाने मार दिया गया। उस पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और हमला करने का भी आरोप है।

अन्य साजिशकर्ता

अभिनाश सत्यपाथी को भी हिडमा के समर्थन में नारे लगाते और हिडमा को हीरो बताने वाला पोस्टर पकड़े देखा गया। उसने बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की। प्रकाश कुमार गुप्ता और समीर फायरीस भी हिडमा के समर्थन में नारे लगाते दिखे, उन्होंने सड़क भी रोकी और उन पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और हमला करने का आरोप है।

आहान अरुण उपाध्याय ने क्रांति और रवजोत को प्रदर्शन के लिए डिजिटल पोस्टर बनाने और सोशल मीडिया पर मैसेज एडिट करने में मदद की। वागीशा अनुदीप भी हिडमा के समर्थन में नारे लगाती दिखी।

इसके अलावा करीना सुंदरानी, प्रीति रानी चंद्रकेत, आत्रेय चौधरी, श्रेष्ठ मुकुंद, सत्यम यादव, मेहुल झुंझुनवाला, सिमरन सिंह, तान्या श्रीवास्तव, काजल कुमारी, बंका आकाश और नोई मेबुंग भी प्रदर्शन में शामिल थे। ये सभी लोग भी उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थे जिन्होंने थाने जाकर पुलिस के काम में बाधा डाली।

दिल्ली पुलिस ने इन सभी 23 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं और ये सभी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।

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विशेषता
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मीडिया जगत में 5 साल से ज्यादा का अनुभव हो चला है। इटीवी भारत और इंडिया न्यूज के साथ ट्रेनिंग की शुरुआत की, तो सुदर्शन न्यूज चैनल में एंकरिंग, सोशल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अवसर मिला। न्यूज के अलावा मौका मिला एमएच1 नेशनल चैनल में, जहाँ सोशल मीडिया एक्जिक्यूटिव के पद पर तीन चैनल (श्रद्धा एमएच1, एमएच1 म्यूजिक और एमएच1 न्यूज) संभाला। इसके बाद सीनियर कंटेंट राइटर के पद पर एफिलिएट विभाग में जागरण न्यू मीडिया में काम करने का मौका मिला। अब सफर ले चला ऑपइंडिया की ओर...

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