Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षा9 ठिकानों पर NIA की छापेमारी, राजस्थान में सक्रिय थे प्रतिबंधित PFI-SDPI से जुड़े...

9 ठिकानों पर NIA की छापेमारी, राजस्थान में सक्रिय थे प्रतिबंधित PFI-SDPI से जुड़े इस्लामी आतंकी: कई संदिग्ध सामग्रियाँ, डिजिटल उपकरण और हथियार बरामद

"राजस्थान के जयपुर और कोटा में चार-चार जगहों पर और सवाई माधोपुर जिले में एक जगह तलाशी ली गई। इसमें, डिजिटल उपकरण (मोबाइल फोन, सिम कार्ड), तेज धार वाले चाकू और आपत्तिजनक सामग्री, साहित्य और पोस्टर जब्त किए गए।"

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने राजस्थान में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) से जुड़े लोगों के 9 ठिकानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में जाँच एजेंसी ने एसडीपीआई से जुड़े मुबारक के बेटे नौशाद को हिरासत में लिया है। एनआईए ने यह कार्रवाई गुरुवार (12 जनवरी 2022) को की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनआईए ने कोटा के सुभाष नगर में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया से जुड़े मुबारक के घर पर छापेमारी की। वहाँ से एनआईए ने मुबारक के बेटे नौशाद को हिरासत में लिया है। नौशाद सैलून में काम करता है।

वहीं, एनआईए को जानकारी मिली थी कि मुबारक कैथून इलाके में रहता है। एजेंसी ने वहाँ भी छापेमारी की। लेकिन, मुबारक हाथ नहीं लगा। मुबारक के घर हुई छापेमारी को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके घर से खुदाई की आवाज आ रही थी। इसके अलावा, एनआईए ने विज्ञान नगर में रह रहे पीएफआई के पूर्व जिलाध्यक्ष साजिद खा के घर पर भी छापेमारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इस छापेमारी में एनआईए को कई संदिग्ध सामग्री मिली है। इस सामग्री के आधार पर यह कहा जा रहा है कि आरोपितों के पीएफआई व एसडीपीआई से संबंध हैं। साथ ही, पीएफआई से फंडिंग मिलने की बात भी कही जा रही है।

इस छापेमारी को लेकर एनआईए ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इस विज्ञप्ति में कहा गया है, “राजस्थान के जयपुर और कोटा में चार-चार जगहों पर और सवाई माधोपुर जिले में एक जगह तलाशी ली गई। इसमें, डिजिटल उपकरण (मोबाइल फोन, सिम कार्ड), तेज धार वाले चाकू और आपत्तिजनक सामग्री, साहित्य और पोस्टर जब्त किए गए।”

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है, “एनआईए को जानकारी मिली थी कि पीएफआई के सदस्य सादिक सर्राफ और मोहम्मद आसिफ अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हैं। इनके भड़काऊ बयान भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुँचा रहे थे।” यही नहीं, यह भी सामने आया है कि आरोपित सादिक सर्राफ और मोहम्मद आसिफ व अन्य अज्ञात लोग साजिश के तहत राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे मुस्लिमों को गैरकानूनी गतिविधियों और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने के लिए कट्टरपंथी बना रहे थे। एनआईए ने यह कार्रवाई साल 2022 में दर्ज हुए एक केस को लेकर की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा हैक हो सकता है तो EVM क्यों नहीं हैक हो सकती? लेफ्ट-लिबरल्स के ‘लॉजिक’ पर माथा गरम करने से पहले...

BAT-BMS ऐप को EVM से जोड़कर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पड़ताल। जानिए कैसे काम करता है ऐप, क्यों हुई कार्रवाई और EVM इससे कैसे अलग है।

क्या एक एथेनॉल फैक्ट्री ने ही बर्बाद कर दी बर्नीहाट की हवा? असम-मेघालय सीमा पर बसे इस ‘दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर’ और उमियाम...

मेघालय का बर्नीहाट प्रदूषण पर डॉक्यूमेंट्री के बाद बहस तेज हुई लेकिन इसकी टाइमलाइन और सरकारी रिपोर्ट अलग हकीकत दिखाती हैं।
- विज्ञापन -