Tuesday, October 19, 2021
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कश्मीर में आतंकियों के निशाने पर बीजेपी नेता, सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट: 5 अगस्त आने से बढ़ी बौखलाहट

रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि आतंकियों ने कई बीजेपी नेताओं को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई है। जिसकी खबर सुरक्षा एजेंसियों को लगने के बाद उन्होंने कश्मीर के कई भाजपा नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी हैं। इसके साथ ही सभी को 5 अगस्त तक अलर्ट रहने के लिए भी कहा गया है।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में लगातार होते आतंकियों के सफाई अभियान के कारण अब उनकी बौखलाहट बीजेपी राज्य इकाई के नेताओं कार्यकर्ताओं पर निकलने लगी है। घाटी में लगातार बीजेपी नेताओं पर आतंकी हमलें और अपहरण के मामले सामने आ रहे है। इसमें आई गति की मुख्य वजह 370 हटाए जाने के 1 साल पूरा होने को भी माना जा रहा है। वर्षगाँठ नजदीक आने के साथ ही घाटी में बौखलाए आतंकियों से प्रशासन ने खासतौर से बीजेपी नेताओं को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि आतंकियों ने कई बीजेपी नेताओं को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई है। जिसकी खबर सुरक्षा एजेंसियों को लगने के बाद उन्होंने कश्मीर के कई भाजपा नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी हैं। इसके साथ ही सभी को 5 अगस्त तक अलर्ट रहने के लिए भी कहा गया है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर अल बदर संगठन के पाकिस्तानी आतंकी भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर की हत्या के साजिश को अंजाम दे सकते हैं। आतंकी पुलिस की वर्दी में भी हमला कर सकते हैं। इसी के मद्देनजर पुलिस ने अल्ताफ ठाकुर की सुरक्षा बढ़ा दी है। उनके घर के बाहर भी सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए हैं। उन्हें एहतियात बरतने को कहा गया है। बता दें ठाकुर की सुरक्षा में पहले से ही कई पीएसओ तैनात किए गए थे।

कश्मीर में इस वक्त राष्ट्रवादी विचारधारा रखने वाले बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता आतंकियों के निशाने पर है। जहाँ अभी बांदीपोरा में बीजेपी नेता की हत्या का मामला सुलझा भी नहीं था। वहीं हाल ही में बीजेपी नेता और सोपोर में वाटरगाम नगरपालिका के उपाध्यक्ष मेहराजउद्दीन मल्ला का अपहरण कर लिया गया था। इन घटनाओं से सहमे अबतक बीजेपी के 6 स्थानीय नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार भाजपा नेता वसीम बारी की बर्बरतापूर्ण हत्या करने बाद आतंकियों ने घाटी में सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्टी छोड़ने का आदेश जारी किया था। जिसमें उन्होंने बीजेपी के लिए कार्यरत और घाटी में राष्ट्रवादी विचारों को बढ़ावा देने वाले सभी नेताओं को जान के खतरे की चेतावनी दी थी। जिसके बाद ख़ौफ का ऐसा आलम शुरू हुआ कि एक के बाद एक छह नेताओं ने अलग-अलग वजह बताते हुए पार्टी से दूरी बना ली।

इस्तीफा देने वाले नेताओं में बीजेपी की महिला नेता मुबीना बानो, बशीर अहमद मलिक बारामूला में नेता मारूफ बट और कुपवाड़ा में आसिफ अहमद शामिल हैं।

गौरतलब है कि 15 जुलाई को बारामुला जिले में एक भाजपा कार्यकर्ता मेहराजुद्दीन मल्ला का अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। जिसके लगभग 11 घंटे बाद पुलिस ने उन्हें रेस्क्यू कर लिया था।

बारामूला के वाटरगाम में नगर समिति के उपाध्यक्ष मेराजुद्दीन मल्ला को बचाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन को लश्कर के सोपोर कमांडर सज्जाद उर्फ ​​हैदर के परिवार के सदस्यों को हिरासत में लेकर शुरू किया गया था। गौरतलब है कि दो दिन पहले हैदर ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस और भाजपा पार्टी कार्यकर्ताओं को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। जिसके बाद मल्ला का अपहरण कर लिया गया। आतंकवादियों ने इसी तरह की एक धमकी कश्मीर के महानिरीक्षक (IG), को भी जारी की थी।

वहीं बीते सप्ताह बुधवार 8 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में आतंकियों ने देर शाम भाजपा के जिलाध्यक्ष वसीम बारी की हत्या कर दी थी। आतंकवादियों ने वसीम बारी के अलावा उनके पिता और भाई की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। उमर भाजपा की जिला युवा इकाई का सदस्य थे, जबकि उनके पिता बशीर शेख भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रह चुके थे। हमला करने के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए थे।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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