Thursday, July 29, 2021
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श्रीलंका में 8वाँ धमाका: 187+ मौतें, 500 से ज्यादा जख्मी – हाशीम, मोहम्मद थे आत्मघाती हमलावरों में शामिल

जिस NTJ का नाम पुलिस प्रमुख ने अपने अलर्ट में लिया है वो एक वह कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन है। पिछले साल भी यह संगठन सुर्खियों में तब आया था जब वहाँ के कुछ बौद्ध धर्मस्थलों पर आतंकी हमला किया गया था।

ईस्टर संडे की सुबह ने श्रीलंका को हिला कर रख दिया। 21 अप्रैल 2019 को श्रीलंका में इस्लामी आतंक का कहर बरपा है। नज़ारा बेहद वीभत्स और दिल दहला देने वाला है। अब तक लगातार आठ बम धमाके हो चुके हैं। और कितने बाकी हैं, पता नहीं। साल के अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले में मौतों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। अभी तक की जानकारी के अनुसार जाहरान हाशीम और अबु मोहम्मद नामक आत्मघाती हमलावरों की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि ताजा धमाके में दो लोग मारे गए हैं। अब तक इन धमाकों में 187 से ज्यादा मौतें हुई हैं। और करीब 500 ज्यादा लोग बुरी तरह जख्मी हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले श्रीलंका के 3 अलग-अलग चर्च और 4 होटल में हुए हैं। इस बीच हमले को लेकर एक हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आ रही है। धमाके से 10 दिन पहले यानी 11 अप्रैल को श्रीलंका के पुलिस प्रमुख पुजुथ जयसुंदर ने देश के प्रमुख चर्चों पर हमले को लेकर एक अलर्ट जारी किया था। अलर्ट में कहा गया था कि आत्मघाती हमलावरों द्वारा प्रमुख चर्चों पर हमला करने की साजिश रची गई है। पुलिस प्रमुख ने ये अलर्ट शीर्ष अधिकारियों को भेजा था।

बता दें कि जिस NTJ का नाम पुलिस प्रमुख ने अपने अलर्ट में लिया है वो एक वह कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन है। पिछले साल भी यह संगठन सुर्खियों में तब आया था जब वहाँ के कुछ बौद्ध धर्मस्थलों पर आतंकी हमला किया गया था।

अलर्ट में कहा गया था कि एक विदेशी खुफिया एजेंसी ने रिपोर्ट दी है कि NTJ (नेशनल तौहीत जमात) आत्मघाती हमलों को अंजाम दे सकता है। इस आतंकी संगठन के निशाने पर प्रमुख चर्चों के साथ-साथ कोलंबो में भारतीय उच्चायोग भी है।

श्रीलंका पुलिस के मुताबिक कोलंबो में सेंट एंथनी चर्च, नौगोंबो में सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोबा में एक चर्च को निशाना बनाया गया। इसके अलावा होटल शांग्री-ला, सिनामोन ग्रैंड, किंग्सबरी समेत एक और होटल में भी धमाका हुआ है। सीरियल धमाके से श्रीलंका में हड़कंप मच गया है। पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शाम 6 बजे के बाद से कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया जा चुका है। सोशल मीडिया पर फिलहाल पाबंदी लगा दी गई है। लिट्टे संकट से उबरने के बाद श्रीलंका में पहली बार इतने बड़े आतंकी हमले हुए हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने धमाकों पर शोक जताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

पीएम मोदी और विदेश मंत्री ने की आतंकी हमले की निंदा

श्रीलंका में चर्च और होटल पर हुए हमले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निंदा की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि श्रीलंका में हुए भयानक विस्फोटों की कड़ी निंदा करते हैं। हमारे क्षेत्र में इस तरह के बर्बरता के लिए कोई जगह नहीं है। भारत श्रीलंका के लोगों के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है।

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हुए सीरियल ब्लास्ट पर भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, “मैं कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त के लगातार संपर्क में हूँ, हम स्थिति पर पूरी नज़र बनाए हुए हैं।”

कुछ भी हो, पुलिस प्रमुख के अलर्ट के बाद अगर इस तरह का हमला हुआ है तो ये श्रीलंकाई प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। अगर समय रहते पुलिस प्रमुख के अलर्ट पर कार्रवाई होती तो आज 187 से अधिक लोगों की जान नहीं जाती और श्रीलंका धूमधाम से ईस्टर मना रहा होता। आज पूरा विश्व श्रीलंका के साथ खड़ा है। आखिर कब तक इस्लामी आतंक का यह नासूर फलता-फूलता रहेगा और कब तक मानवता को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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