Homeसोशल ट्रेंड'हिंदू राष्ट्र के लिए कर दिया मतदान': BJP की जीत के बाद दलितों पर...

‘हिंदू राष्ट्र के लिए कर दिया मतदान’: BJP की जीत के बाद दलितों पर भड़के इस्लामी कट्टरपंथी, सोशल मीडिया पर दिखा रहे जहर

“दलितों ने सामाजिक न्याय आधारित जाति के दावे से खुद को हिंदुत्व आधारित दलित राजनीति की ओर स्थानांतरित कर लिया है। यह भाजपा के लिए सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली चुनावी फायदा है।”

विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में सत्ता बरकरार रखी। उत्तर प्रदेश में भाजपा ने 255 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं गोवा में 20, मणिपुर में 32 और उत्तराखंड में 47 सीटों पर जीत दर्ज की। भारतीय जनता पार्टी की इस जीत के बाद इस्लामी कट्टरपंथी सोशल मीडिया पर दलितों को बुरा-भला कह रहे हैं, गालियाँ दे रहे हैं।

ट्विटर आईडी @tamashbeen_ ने दलितों को निशाने पर लेते हुए कहा, “दलितों ने सामाजिक न्याय आधारित जाति के दावे से खुद को हिंदुत्व आधारित दलित राजनीति की ओर स्थानांतरित कर लिया है। यह भाजपा के लिए सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली चुनावी फायदा है।”

ट्विटर आईडी @MogalAadil ने लिखा, “दलितों का सही है, संवैधानिक संरक्षण और आरक्षित शिक्षा के कारण वे मुस्लिमों पर अपने सामाजिक विशेषाधिकार से अनभिज्ञ हैं और ‘हिंदू राष्ट्र’ के लिए मतदान कर रहे हैं।”

इस ट्वीट के बाद शुक्रवार (11 मार्च 2022) को एक और ट्वीट किया। इसमें उसने लिखा, “कुछ अंडर कास्ट एलीट महिला मुझ पर भड़क रही है क्योंकि मैंने कहा था कि दलित और महिलाओं ने बीजेपी को यूपी में जीत के लिए वोट दिया था। क्यों मुस्लिमों को दोष करने का मौका नहीं मिल रहा है इसलिए गुस्सा आ रहा है? सच तो यह है कि कोविड, प्रवासी संकट, बेरोजगारी, बलात्कार के बाद भी बीजेपी को वोट मिला।”

ड्रंक जर्नलिस्ट नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “सिद्दीकी कप्पन एक दलित लड़की के साथ हुए जघन्य बलात्कार और हत्या की रिपोर्ट करने के लिए हाथरस जा रहा था। आज भी वह पिछले 1.5 साल से जेल में है। जबकि हाथरस ने बीजेपी को चुनकर वोट किया है।”

@shalluchandla ने ट्विटर पर लिखा, सबसे बड़ा मिथक भारत के दलित हैं। वे अंदर से सबसे ज्यादा सांप्रदायिक हैं। यूपी में उन्होंने भाजपा को वोट दिया और पंजाब में उन्होंने AAP को वोट दिया जो RSS का प्रोडक्ट है।

जगदीश पटेल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “वाह, अगर दलित कॉन्ग्रेस को वोट करे तो सब ठीक, लेकिन कोई और पार्टी को करे तो दलित बुरा। इतनी चाटुकारिता आती कहाँ से है भाई, दलित भी इंसान हैं और वह भी अच्छा जीवन जीना चाहता है जो कॉन्ग्रेस 70 साल में उनको एक वोट बैंक ही समझती रही, उनका शोषण किया, अब नहीं।”

दलित को टारगेट करने को लेकर रौशन राज ने ट्वीट करते हुए लिखा, “मेरी टाइमलाइन पर कॉन्ग्रेसी दलितों को भद्दे शब्दों में गाली दे रहे हैं, सिर्फ इसलिए कि उन्होंने बीजेपी और यूपी को वोट दिया था। सुनो पप्पू के ट्टू, तुम्हारे बाप का गुलाम नहीं है दलित, जहाँ मन करेगा वहाँ वोट डालेगा अपना फायदा देखेगा, 10 जनपथ का नहीं।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।
- विज्ञापन -