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ठाकुर हूँ ब@%$ मत करना… जिस वायरल वीडियो को देख सवर्णों पर उठाए गए सवाल, जानिए उस अधूरे क्लिप पर क्या बोलीं HDFC कर्मचारी: बताया- अब रेप तक की मिल रही धमकियाँ

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में HDFC बैंक की कर्मचारी आस्था सिंह गुस्से में कहती हैं- ठाकुर हूँ... ब@%$ मत करना। लोगों ने इस वीडियो में 'जातिवाद' को घुसाया और आस्था की खूब आलोचना की। अब आस्था ने सामने आकर वीडियो की पूरी सच्चाई बताई, जिससे वीडियो पर जातिवाद पर करने वाले लोगों के मुँह बंद हो गए।।

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब चर्चा में है। वीडियो में HDFC बैंक की कर्मचारी आस्था सिंह गुस्से में कहती हैं- ठाकुर हूँ… ब@%$ मत करना। लोगों ने इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए आस्था सिंह पर जातिवाद के आरोप लगाने शुरू कर दिए। लेकिन आस्था सिंह ने पूरे मामले में सफाई देते हुए कहा कि अधूरी वीडियो पर उन्हें गालियाँ दी जा रही है, जबकि यह पूरा सच नहीं है। उन्होंने यह भी दोहराया कि वह ठाकुर हैं, और इस पर उन्हें गर्व है।

यह वीडियो ऐसे समय में वायरल हुई है, जब देशभर में UGC के नए नियमों को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। एक तरफ जहाँ UGC के नए नियमों को लेकर ब्राह्मण, ठाकुर और पूरे सवर्ण समाज को ताक पर रखा जा रहा है, वहीं समाज की निचली जाति इन सवर्ण समाज के लोगों पर सालों से भेदभाव और जातिवाद के आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में आस्था सिंह नाम की HDFC कर्मचारी का वीडियो सामने आया और लोगों ने इस अधूरी और एकतरफा जानकारी के साथ आस्था पर जातिवाद के आरोप लगाने शुरू कर दिए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने आस्था को ‘जातिवाद’ पर घेरा

सोशल मीडिया पर आस्था सिंह की यह वीडियो खूब वायरल तो हुई, लेकिन लोगों को निशाना बनते हुए। लोगों ने उन पर जातिवाद करने के आरोप लगाए। इतना ही नहीं इस वीडियो के तहत पूरे सवर्ण समाज को भी घेरने की भी कोशिश की गई है।

एक ‘एक्स’ यूजर सूरज कुमार बौद्ध लिखते हैं, “HDFC की कर्मचारी आस्था सिंह ने बैंक परिसर में अपनी जाति का प्रदर्शन किया और बेशर्मी से एक ग्राहक को पीटने की कोशिश की। इस ‘मनु की नातिन’ से सिर्फ नफरत ही पैदा होती है। HDFC को इस जातिवादी मसखरे को तुरंत निकाल देना चाहिए।”

Nher_who नाम के एक्स यूजर कहते हैं, “उसने बैंक परिसर में अपनी जाति का प्रदर्शन किया और एक ग्राहक को पीटने की कोशिश की। यह जातिवादी लोगों का असली चेहरा है, जो एक बार फिर साबित करता है कि UGC की आवश्यकता क्यों है।”

वहीं एक अन्य विंगमैन नाम का यूजर कहता है, “पुराने जमाने में लोग शांति कायम करने के लिए उसे विदेशी आक्रमणकारियों को सौंप देते थे। लेकिन आज वे इसे जातिगत गौरव के रूप में दिखा रहे हैं। छी!”

एक सुमित नाम के यूजर ने तो यह तक कहा, “इसीलिए हमें निजी क्षेत्र में भी आरक्षण की आवश्यकता है।”

यही नहीं, कई आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी वीडियो को शेयर कर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। यहाँ तक कि राजपूतों और उनके राजाओं को निशाना बनाते हुए इतिहास को बदनाम किया गया, ठाकुरों को निशाना बनाते हुए महिलाओं को बेइज्जत तक किया गया। वो भी सिर्फ 10 सेकेंड की वायरल वीडियो से, जो कि अधूरा सच है।

आस्था के सपोर्ट में उतरे नेटिजंस

वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग आस्था सिंह के सपोर्ट में भी उतरे। उन्होंने वीडियो अधूरी क्लिप को देखकर जातिवाद की टिप्पणी करने का विरोध किया। साथ ही खुद का बचाव करने के लिए आस्था सिंह की तारीफ भी की।

एक्स यूजर ‘बींग पॉलिटिकल’ ने कहा, “एक 10 सेकंड के क्लिप पर लोग भड़क उठे और ‘जातिवाद’ का आरोप लगाने लगे, सिर्फ इसलिए कि उसने कहा ‘मैं ठाकुर हूँ’… लेकिन जब ग्राहक ने कथित तौर पर पहले उसे गाली दी थी, तब आक्रोश कहाँ था? बैंक कर्मचारी आस्था सिंह ने उकसाए जाने पर पलटवार किया, फिर भी हेडलाइन बन गई ‘बैंक में ठाकुरों का अहंकार’। क्या ये दोहरा मापदंड नहीं है? इसे एक और ‘उच्च जाति बुरी’ तमाशा बनाने से पहले पूरा संदर्भ देखें।”

एक यूजर ने लिखा, “मुझे अपनी जाति पर गर्व करने वाली महिलाओं के लिए सम्मान है। किसी भी जाति की हों। यह एक क्रॉप किया हुआ वीडियो है, इसलिए मैं कोई राय नहीं दूँगा। लगता है उसे उकसाया गया था। और हमारे देश में इस मामूली झगड़े से कहीं ज़्यादा गंभीर मुद्दे हैं।”

एडवोकेट आशुतोष जे दुबे नाम के यूजर ने कहा, “इस एक कटी हुई क्लिप का इस्तेमाल महिला को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। पूरा वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि पहले उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया था। उसने आत्मरक्षा में जवाब दिया, अपनी पहचान पर ज़ोर दिया और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। तो फिर जाति आधारित भेदभाव कहाँ है? एडिटेड क्लिप नहीं, पूरा संदर्भ देखें।”

यदु सिंह नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “जब आप किसी के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, उसे परेशान करते हैं और गाली देते हैं (इस मामले में, आस्था सिंह के साथ), तो वह व्यक्ति आपको मौखिक रूप से जवाब दे सकता है और आपको फटकार लगा सकता है। आत्मसम्मान एक वैध अवधारणा है, और ठाकुर या किसी अन्य जाति का होना अपराध नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) के किसी भी धारा का उल्लंघन नहीं किया गया है। अधूरा वीडियो साझा करना कायरता है। एजेंडा फैलाने वाले लोग अपना घिनौना खेल खेल रहे हैं।”

वायरल वीडियो पर आस्था का बयान

वायरल वीडियो पर आक्रोश के बाद खुद आस्था सिंह ने सामने आकर सफाई दी और लोगों को पूरा सच बताया है। उन्होंने घटनाक्रम के बारे में बताते हुए कहा कि वह अब भी अपने बयान पर टिकी हैं, वह ठाकुर होने पर गर्व महसूस करती हैं। आस्था सिंह की इस वीडियो के बाद जातिवाद करने वाले लोगों के मुँह बंद हो गए हैं।

वीडियो जारी कर आस्था सिंह ने बताया कि यह घटनाक्रम 06 जनवरी 2026 का है, जब बैंक में साथी कर्मचारी रितु त्रिपाठी के इस्तीफे से संबंधित कामकाज जारी था। आस्था बताती हैं कि रितु ने इस्तीफा देकर उसी दिन रिलीविंग की माँग की थी। इस दौरान रितु की ननद सुबह से ही बैंक ब्रांच में मौजूद थी, जिसमें हल्की बहस हो गई।

उन्होंने कहा कि बाद में रितु ने यह बात अपने पति ऋषि त्रिपाठी को बताई, जो बैंक बंद होने के वक्त ब्रांच में आए और अभ्रदता करने लगे। आस्था ने कहा कि रितु के पति ने उनकी डेस्क पर आकर उनकी जाति पूछी और धमकी दी- “मैं तुम्हारी हेकड़ी निकाल दूँगा। सारी की सारी गर्मी निकाल दूँगा।”

आस्था ने बताया जो वीडियो वायरल है, वो अधूरी क्लिप है। सिर्फ आस्था की प्रतिक्रिया की, जो उन्होंने खुद पर की गई अभद्र टिप्पणी के बाद जाहिर की। उन्होंने कहा कि वीडियो को जातिवाद का मुद्दा बनाकर पेश किया गया। आस्था ने कहा कि इसके बावजूद वह अपने बयान पर टिकी रहेंगी। वह कहती हैं, “कोई बदतमीजी से बात करेगा, तो बर्दाश्त नहीं करूँगी। मैं ठाकुर हैं और इस पर गर्व करती हूँ।”

आस्था ने कहा- रेप की धमकी मिली

इसके अलावा वायरल वीडियो पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्हें रेप करने और बाल काटने तक की धमकी दी जा रही हैं। वे कहती हैं, “हर इंसान फेमस होना चाहता है, लेकिन गलत तरीके से नहीं। मैं गलत मायने में फेमस हो रही हूँ।”

कंपनी के रुख पर आस्था सिंह कहती हैं, “इस केस में इंटरनल मेल अपने सीनियर्स को फॉरवर्ड कर दिया है। सबको पता है कि मैं गलत नहीं हूँ, इसलिए हमें इसमें इतना एक्शन लेने की जरूरत नहीं थी। मगर जब इस तरीके की चीजें हो रही हैं, तो मैं बिल्कुल मानहानि का केस करना चाहूँगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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