Friday, July 19, 2024
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येशु मसीह की तस्वीर, बाइबिल की पंक्तियाँ: आंध्र प्रदेश पुलिस के बिल की तस्वीरें वायरल, लोग बोले – ईसाई मजहब का प्रचार कर रही जगन सरकार

इस विवादास्पद बिल की फोटो तेलगू देशम पार्टी के नेता अमन वेंकट रमना रेड्डी ने ट्वीट की थी। इस बिल में एक व्यक्ति से विजाग रेलवे स्टेशन से वीआईपी रोड तक ऑटो के माध्यम से फेरी लगाने को लेकर ₹80 का शुल्क लिया गया था।

शुक्रवार (25 नवंबर, 2022) को एक बिल की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विशाखापत्तनम की ट्रैफिक पुलिस विभाग सवालों के घेरे में आ गई है। इस बिल में ईसा मसीह की तस्वीर और बाइबिल का एक कोट लिखा हुआ था। इस विवादास्पद बिल की फोटो तेलुगू देशम पार्टी के नेता अमन वेंकट रमना रेड्डी ने ट्वीट की थी। इस बिल में आंध्र प्रदेश के एक व्यक्ति से विजाग रेलवे स्टेशन से वीआईपी रोड तक ऑटो के माध्यम से फेरी लगाने को लेकर ₹80 का शुल्क लिया गया था।

दिलचस्प बात यह है कि बिल में सबसे ऊपर ‘ट्रैफिक पुलिस, विशाखापत्तनम सिटी’ लिखा हुआ है। वहीं, नीचे ईसा मसीह की तस्वीर छपी हुई है। साथ ही, बाइबिल का एक कोट भी लिखा था, “यहोवा तेरे आने-जाने में तेरी रक्षा अब से लेकर हमेशा करता रहेगा।”

बिल की यही फोटो आरएसएस विचारक रतन शारदा ने भी शेयर की थी। उन्होंने यह फोटो ट्वीट करते हुए पूछा, “आंध्र प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस का चालान येशु के संदेश के साथ किया जाता है, धर्मनिरपेक्षता जिंदाबाद। कोई भारतीय अदालत क्यों नहीं जा रहा है? क्या आंध्र प्रदेश के वकील सिर्फ पैसे कमाने में व्यस्त हैं?”

सोशल मीडिया पर नाराजगी सामने आने के बाद, विजाग पुलिस ने सफाई पेश करते हुए कहा, “एक ऑटो चालक द्वारा हेड कॉन्स्टेबल को यह पर्चियाँ सौंपी गईं थीं। लेकिन, दुर्भाग्य से उसने इमरजेंसी में गलती कर दी और ये पर्चियाँ बाँट दीं। मामला संज्ञान में आने के बाद इस पर तत्काल रोक लगा दी गई है। पर्चियों का वितरण जानबूझ कर नहीं किया गया था।”

हालाँकि, सोशल मीडिया यूजर्स विजाग पुलिस की इस सफाई से संतुष्ट नहीं हुए और पुलिस पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए प्रतिक्रिया दी। ‘Phani Kiran’ नामक यूजर ने लिखा, “एक ऑटो ड्राइवर, एक हेड कॉन्स्टेबल और एक सीएम 3 अंडरकवर एजेंट।” Phani Kiran शायद यह कहना चाह रहे थे कि तीनों लोग सरकारी संसाधनों का उपयोग करके ईसाई मजहब का प्रचार कर रहे हैं।

एक अन्य यूजर ने विजाग पुलिस पर मामले की सच्चाई छुपाने का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया और लिखा “बढ़िया बचाव।”

एक अन्य यूजर ने लिखा “पर्ची पर यातायात पुलिस, विशाखापत्तनम का स्पष्ट उल्लेख है। अगर विजाग जिले का पूरा पुलिस विभाग ईसाई धर्म का पालन करता है, तो ठीक है। बस झूठ मत बोलो जो आपके धर्म के खिलाफ है।”

एक अन्य यूजर दमचेरला हरी बाबू ने विजाग पुलिस की इस ‘स्टोरी’ को मशहूर फिल्म निर्देशक एसएस राजमौली को देने के लिए कहते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा “कृपया इस स्टोरी को राजामौली को दे दीजिए। आंध्र प्रदेश पुलिस को शर्म आनी चाहिए। जो भी ऐसा कर रहा है उसे इस्तीफा देकर चर्च में शामिल हो जाना चाहिए।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ने जोर देकर कहा, “पुलिस विभाग खुद से व्यवहार करें और पुलिस की अखंडता को बनाए रखे। वाईसीपी पार्टी (वाईएसआर कॉन्ग्रेस) के सदस्यों के सामने बकरियों की तरह न बनें।”

इस पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए विजयवाड़ा के एक सूत्र ने ऑपइंडिया को बताया कि यह पर्ची पुलिस का चालान नहीं है। बल्कि, रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध ऑटो सर्विस का प्री-पेड बिल है। विशाखापत्तनम पुलिस द्वारा जारी किए गए बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “यह कुछ और नहीं बल्कि सच छिपाने की कोशिश की जा रही है। जब से जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, तब से मैंने विजयवाड़ा में चर्चों को तेजी से बढ़ते देखा है।” हमारे सूत्र ने हमसे बात करते वाईएसआर कॉन्ग्रेस के समर्थकों के डर से अपनी पहचान जाहिर करने से इनकार कर दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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