विषय: अयोध्या

राम मंदिर, अयोध्या भूमि विवाद, सुप्रीम कोर्ट

मंदिर वहीं बनेगा, मस्जिद को भी मिलेगा 5 एकड़ – जन्मभूमि मामले में सभी 18 याचिकाएँ ख़ारिज

राम जन्मभूमि मंदिर में विघ्न डालने के आज आखिरी दरवाजे भी सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दिए हैं। जमीयत उलेमा ए हिन्द, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के इशारे पर याचिका डालने वालों, इरफ़ान हबीब-प्रशांत भूषण के लिबरल गिरोह समेत 18 याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट की नई संविधान पीठ ने ख़ारिज कर दी हैं।
प्रशांत भूषण ने दायर की याचिका

राम मंदिर में टाँग अड़ाने सुप्रीम कोर्ट पहुँचा लिबरल गिरोह, 40 में से कोई नहीं था मूल मुकदमे में पक्षकार

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को एक आस्था को तरजीह देना वाला बताया गया है। कहा गया है कि हिन्दू पक्ष को जन्मभूमि की ज़मीन देने का आधार केवल आस्था को माना गया है। मस्जिद के पक्ष में पुरातात्विक साक्ष्यों को नज़रंदाज़ कर दिया गया।

‘अल्लाह का कानून सबसे ऊपर, रामराज्य शिर्क, जामिया के छात्रों ने अयोध्या के फैसले को बताया मजाक’

इसमें कहा कि रामराज्य कुछ और नहीं बल्कि शिर्क (अत्याचारी, गैर मजहबी) का झंडा और बाबरी विध्वंस तौहीद अर्थात न्याय के झंडे के पतन के अलावा और कुछ नहीं है।
उच्चतम न्यायालय

पीस पार्टी, जमीयत, मिस्बाहुद्दीन समेत अयोध्या मामले में कई याचिकाएँ दायर कर रहा मुस्लिम पक्ष

मुस्लिम पक्षकारों में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने आगे क़ानूनी लड़ाई लड़ने से कदम पीछे खींच लिए हैं। इक़बाल अंसारी ने भी कोई क़ानूनी कदम उठाने से इंकार कर दिया है।
हिन्दू महासभा का झंडा

अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ क्यों: SC में याचिका दाखिल करेगी हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा ने बाबरी मस्जिद ध्वंस के एवज में मुआवजे के रूप में मुस्लिम पक्ष को मिल रही 5 एकड़ ज़मीन के खिलाफ याचिका दायर करने जा रही है। इस आदेश पर आपत्ति जताते हुए महासभा अदालत से इस आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए कहेगी।

मुलायम ने कहा- परिंदा भी पर नहीं मार सकता, लेकिन उन भाइयों ने गुंबद पर भगवा लहरा दिया

शरद और रामकुमार राम मंदिर आंदोलन की कहानी बन गए थे। अयोध्या में उनकी कथाएँ सुनाई जा रही थी। उन्होंने मुलायम सिंह के दावे "परिंदा भी पर नहीं मार सकता" की हवा निकाल दी थी। और फिर 2 नवंबर 1990 को घर से खींचकर दोनों को गोली मार दी गई।

‘नफ़रत के बीज बोने के लिए उठाया है राम मंदिर फैसले को चुनौती देने का कदम’

इसके अलावा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी सोमवार को पुनर्विचार याचिका दायर कर सकता है। बोर्ड के सचिव जीलानी ने इस आशय से जानकारी मीडिया को दी थी।
राजीव धवन

जिसने फाड़ा राम जन्मभूमि का नक्शा और की मस्जिद की वकालत, मुस्लिम पक्ष ने उस वकील को ही हटा दिया

“मुझे ये बताया गया कि मुझे केस से हटा दिया गया है, क्योंकि मेरी तबियत ठीक नहीं है। ये बिल्कुल बकवास बात है। जमीयत को ये हक है कि वो मुझे केस से हटा सकते हैं लेकिन जो वजह दी गई है वह गलत है।”
सुप्रीम कोर्ट, राम मंदिर

अयोध्या फैसले में 14 गलतियाँ, राम मंदिर पर रोक लगाए सुप्रीम कोर्ट: जमीयत ने दायर की समीक्षा याचिका

जमीयत ने कहा है कि पर्यटकों और घुमंतुओं के रचित वृत्तांतों पर अदालत को भरोसा नहीं करना चाहिए। उसने कहा है कि मंदिर गिराकर मस्जिद बनाने के कोई सबूत नहीं है। साथ ही इतिहास में हुई ग़लतियों को कोर्ट सुधार नहीं सकता है।
हाजी मोहम्मद काफिर

‘जय श्री राम’ बोलने पर अयोध्या के हाजी सईद काफिर करार, इमाम ने मस्जिद में कराई ‘गुनाह’ की तौबा

हाजी सईद ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए हुए एक यज्ञ में शामिल हुए थे। कार्यक्रम की फोटो सार्वजनिक होने के बाद उन्हें उनके धर्म से खारिज कर दिया गया। माफी मॉंगने के बाद भी उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी मिल रही है।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव ज़फ़रयाब जीलानी (एशियन एज से साभार)

‘जबरन रखी गई मूर्ति देवता कैसे’: अयोध्या निर्णय को चुनौती देगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

जीलानी का दावा है कि उनकी याचिका तत्कालीन मस्जिद के मुख्य गुंबद में रखी गई मूर्ति को देवता का दर्जा देने के विरोध पर आधारित होगी।
रामजन्मभूमि, आजम खान, राम मंदिर

आजम खान ने रामलला के पुजारी को सौंपी 50 फीट की चुनरी, लिखा है- ‘जय जय श्री राम’

आजम खान ने इस दौरान अयोध्यावासियों को संदेश देते हुए कहा कि रामलला किसी एक नहीं, बाकी सब धर्मों के हैं। इसलिए अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद रामलला को पहली चुनरी वही चढ़ाई जाए, जिसे मुस्लिम कारसेवकों की ओर से आज पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को दिया गया है।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

153,155फैंसलाइक करें
41,428फॉलोवर्सफॉलो करें
178,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements