विषय: अयोध्या

श्री राम को सुप्रीम कोर्ट से न्याय की आस (साभार: इंडियन एक्सप्रेस)

राम के अयोध्या में जन्म की बात पर जज ने पूछा- किसी कोर्ट में जीसस के जन्म पर बात हुई है?

रामायण में कम-से-कम तीन बार यह ज़िक्र है कि भगवान श्री राम अयोध्या में पैदा हुए थे। इसपर जस्टिस बोबडे ने पूछा कि क्या जीसस क्राइस्ट बेथलेहम में पैदा हुए थे, ऐसा या इससे मिलता-जुलता कोई सवाल कभी कोर्ट में आया है क्या। तो परासरण ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है, वह इसे देखेंगे।
2005 अयोध्या हमला

अयोध्या हमला: इरफ़ान, शकील, इक़बाल, आशिक़ को उम्रक़ैद, संतों ने कहा – 14 वर्षों के ‘वनवास’ के बाद फ़ैसला

मामले की सुनवाई के दौरान कुल 63 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। इस पाँचों आरोपितों पर आतंकी हमले की साज़िश रचने और आतंकियों की मदद करने का मामला चलाया जा रहा था। कई बार इस मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी सुनवाई हुई।
अयोध्या में संतो की बैठक

‘राम के नाम पर बनी है सरकार, जल्द ही होगा भव्य राम मंदिर का निर्माण’

राम मंदिर निर्माण को लेकर बैठक हुई। सभी संतों ने मंदिर के निर्माण में देरी न हो, इसे लेकर एकमत राय दी। बैठक में कहा गया कि इस विषय पर फैसला लेने का यह सही समय है, क्योंकि राम के नाम पर ही सरकार बनी है।
भगवान राम

अयोध्या में भगवान श्रीराम की सबसे ऊँची 221 मीटर की प्रतिमा, अधिकृत होगी 28 हेक्टेयर भूमि

भगवान श्रीराम की प्रतिमा 151 मीटर ऊँची होगी, 50 मीटर ऊँचे पैडस्टल और 20 मीटर ऊँचे छत्र के बाद प्रतिमा की कुल ऊँचाई 221 मीटर हो जाएगी। 50 मीटर ऊँचे पैडस्टल के अंदर ही अत्याधुनिक म्यूज़ियम भी बनाना तय हुआ है।
महमूद मदनी ने कहा कि अयोध्या के विवादित ढाँचे को मस्जिद नहीं माना जा सकता।

अयोध्या विवादित ढाँचा मस्जिद नहीं, घर या मंदिर को जबरन छीनकर अल्लाह का घर नहीं बनाया जा सकता: महमूद मदनी

जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि अयोध्या के विवादित ढाँचे को मस्जिद नहीं माना जा सकता।
RSS के सरकार्यवाहक भैय्या जी जोशी

राम मंदिर के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता पर नहीं है शंका, बोले RSS के भैय्या जी जोशी

RSS के सरकार्यवाह ने कहा “हम मानते हैं कि सत्ता में बैठे हुए लोगों में अभी राम मंदिर का विरोध नहीं है।"
अयोध्या मामला

सुप्रीम कोर्ट ने एक झटके में राम मंदिर मुद्दे को 30 साल पीछे ढकेल दिया

इस फैसले के क्या परिणाम होंगे? अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हालाँकि, अयोध्या मामले के इतिहास पर नज़र डाले तो सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला घड़ी को उल्टी दिशा में घुमाकर 30 साल पीछे ले जाता दिखता है।
राम जन्म भूमि विवाद

बाबर जो कर गया, उसे बदल नहीं सकते: सुप्रीम कोर्ट

बातचीत और समझौते की राह पर जाने की बात कहते हुए कोर्ट ने कहा कि ये विषय सिर्फ ज़मीन का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है, इस पर मिल बैठकर बात करने से अगर रास्ता निकल आए तो वही बेहतर होगा।
सुप्रीम कोर्ट

SC ने अयोध्या मामले में केंद्र को दिखाया संविधान पीठ का रास्ता

2003 में सुप्रीम कोर्ट ने असलम भूरे बनाम भारत सरकार मामले में फै़सला देते समय यह माना था कि पूरी ज़मीन पर यथास्थिति बरक़रार रखना जरूरी है।
भगवान राम

‘भगवान राम मुसलमानों के भी पूर्वज थे’

रामदेव ने आगे कहा कि भगवान राम केवल हिंदुओं के नहीं बल्कि मुसलमानों के भी पूर्वज थे। इसके अलावा रामदेव ने कहा कि इस मुद्दे को वोटबैंक की राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
babri-masjid

मुलायम सिंह सरकार ने कारसेवकों को दफ़नाया, उनकी संख्या छिपाने के लिए रची साज़िश: REPUBLIC TV का खुलासा

30 अक्टूबर और 2 नवम्बर 1990, आज़ादी के बाद के इतिहास कि वह दो काली तारीखें है, जब रामजन्मभूमि पर खड़े निहत्थे कारसेवकों पर सेक्युलर स्टेट ने गोली चलवाई थी।
राम मंदिर

चाहे गोलियॉं खानी पड़े लेकिन 21 फरवरी से राम मंदिर बनाएँगे: शंकराचार्य स्वरूपानंद

2 दिन पहले ही केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अयोध्‍या में विवादित जमीन के आसपास की जगह को राम जन्‍मभूमि न्‍यास को सौंपने के लिए अर्जी दाखिल की है।

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