मेहता अपनी किताब में लिखते हैं कि 'मिशन कश्मीर' के लिए स्क्रिप्ट लिखते समय विधु विनोद चोपड़ा समुदाय विशेष की भावनाओं का ख्याल रखने और 'पोलिटिकली करेक्ट' बने रहने पर खासा जोर देते थे। चोपड़ा का मानना है कि भारत सरकार ने कश्मीर में 'रंग में भंग' डाला।
लंदन में मार गिराए गए आतंकी अम्मान का मानना था कि यजीदी औरतें तवायफ होती हैं और कुरान में उनका बलात्कार करने की इजाजत है। अपने नोटबुक में उसने बम बनाने के तरीके लिखे हुए थे। साथ ही लिखा था कि शहीदों की तरह मरकर वह जन्नत जाना चाहता है।
19 जनवरी 1990 की भयावह घटनाएँ बस शुरुआत थी। अंतिम प्रहार 26 जनवरी को होना था, जो उस साल जुमे के दिन थी। 10 लाख लोग जुटते। आजादी के नारे लगते। गोलियॉं चलती। तिरंगा जलता और इस्लामिक झंडा लहराता। लेकिन...
खतरा गली-गली पसर गया है। नहीं चेते तो आज का कोई अशफाक कल आपके कमलेश का गला रेत जाएगा। मजहबी कट्टरपंथ को आज दफन नहीं किया तो बात हिंदुत्व के कब्र खुदने जैसे नारों पर ही नहीं रुकेगी। समाज के तौर पर इससे लड़ना ही होगा।
जम्मू-कश्मीर में कभी पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाते तो कभी सेना पर पत्थरबाजी का सीन आम है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ जब कश्मीरी पंडित ने 'फ्री कश्मीर फ्रॉम इस्लामिक टेररिज़्म' का पोस्टर लहराया हो, विदेशी दल को जमीनी हकीकत से वाकिफ कराया हो।
लगभग 1000 वहाबी प्रचारक (कट्टर इस्लाम के प्रचारक) केरल में आए। विचारधारा को फैलाया, पानी की तरह पैसा बहाया। कई नई मस्जिदों का निर्माण कराया, सब सऊदी अरब स्टाइल में। लेकिन यह सुनिश्चित किया कि इन मस्जिदों से कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार किया जाएगा।
यूरोप पर कट्टरपंथी आतंकियों के केमिकल अटैक के अलावा 2020 जिन बड़ी और वैश्विक घटनाओं को लेकर उन्होंने भविष्यवाणी की है, उनमें ये दो भी प्रमुख हैं - (i) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर हमला होगा (ii) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संदिग्ध बीमारी का शिकार होंगे, जिससे वो...
इन सवालों के जवाब 8 जनवरी तक देने होंगे। एफएटीएफ की बैठक अगले साल फरवरी में होनी है। इस बैठक में पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में शामिल करने पर फैसला होगा। बीते साल पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला गया था।
राजपक्षे ने इस्लामी कट्टरता को आतंकवाद की जड़ बताते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग नौकरी के लिए मध्य-पूर्व जाते हैं। वहॉं उन्हें भड़काया जाता है। इंटरनेट पर उपलब्ध इस्लामी टिप्पणियों से किसी को भी घर बैठे कट्टरपंथी बनाया जा सकता है।