"अनुच्छेद 370 में इन संशोधनों की आवश्यकता थी, क्योंकि इसके कारण लगभग सभी कश्मीरी अल्पसंख्यकों (जैसे शिया, दलित, गुर्जर, कश्मीरी पंडित, कश्मीरी सिखों) के साथ हद से ज्यादा भेदभाव हो रहा था। लेकिन अब उन्हें कानून के समक्ष बराबरी का अवसर मिलेगा।"
कश्मीरी पंडितों के संगठन का मानना है कि मुस्लिम बहुल राज्य को मिले विशेष प्रावधान का जम्मू-कश्मीर को इस्लामिक स्टेट बनाने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा था। ये अनुच्छेद पंडितों की कश्मीर में वापसी में भी बाधक थे।
The Kashmir Files की शूटिंग कश्मीर में ही होगी। यह प्रधानमंत्री की उस अपील के मुताबिक होगा, जिसमें उन्होंने मनोरंजन उद्योग से कश्मीर में शूटिंग को बढ़ावा देने की गुज़ारिश की थी।
लगभग एक हफ़्ते की यात्रा में यह सभी यात्रीगण राज्यपाल सत्यपाल मलिक के ख़ास मेहमान होंगे। सुरक्षा की बात की जाए तो छ: वॉल्वो बसों में यात्रियों की सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं।
KPPAC के उपाध्यक्ष सतीश महालदार ने कहा कि वो विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की योजना बना रहे हैं और साथ ही अन्य राजनीतिक दलों से भी गठबंधन की माँग कर रहे हैं। समर्थन जुटाने के लिए देश भर में सदस्यता अभियान भी शुरू किया गया है।