सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत साबित करने के लिए आज शाम पॉंच बजे तक का वक्त दिया है। उससे पहले ही कमलनाथ के इस्तीफे की चर्चा जोरों पर है। मौजूदा गणित के हिसाब से बहुमत के लिए 104 विधायकों का समर्थन चाहिए। बीजेपी विधायकों की संख्या 107 है।
कॉन्ग्रेस को मजबूत करना लोकतंत्र के लिए जरूरी है, जैसे तर्क बेमानी हैं। असल में कॉन्ग्रेस एक बीमारी है। इससे देश को जितनी जल्दी निजात मिल जाए उतना बेहतर। देश रहेगा तो लोकतंत्र भी बचेगा और संविधान भी।
बेंगलुरु में विधायकों ने दावा किया कि 20 और MLA उनके साथ हैं, लेकिन उन्हें कैद में रखा गया है। यदि वे भी बागी विधायकों के साथ होते, तो कॉन्ग्रेस स्पष्ट रूप से टूट जाती और इस पर कोई भी कानून लागू नहीं हो सकता था।
बंगाल से छपने वाला अखबार होने के बावजूद ममता के शासन में यह पेपर भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या, हर जिले में हो रहे मजहबी दंगों और तमाम अपराधों से जलते बंगाल पर चुप्पी साध लेता है। ऐसे तमाम मौकों पर इनकी बुद्धि घास चरने चली जाती है और बेहूदे हेडलाइन सुझाने वाले एडिटरों की रीढ़ की हड्डी गायब हो जाती है। इनका सारा ज्ञान हेडलाइन में अपनी जातिवादी घृणा, हिन्दुओं से धार्मिक घृणा आदि में ही बहता रहता है।
कॉन्ग्रेस विधायक के साले पर आरोप है कि उसने की छात्रा को लिफ्ट देने के बहाने सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। इस मामले में पंचायत बिठाकर आरोपित को दो थप्पड़ लगाकर माफी मँगवाकर पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया।
सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर फ्लोर टेस्ट रोकने की माँग की थी। पत्र में उन्होंने कहा था कि वर्तमान परिस्थिति में फ्लोर टेस्ट कराना अलोकतांत्रिक होगा। कमलनाथ ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने कॉन्ग्रेस के कई विधायकों को कर्नाटक में बंदी बना लिया है। ऐसी स्थिति में फ्लोर टेस्ट कराना अलोकतांत्रिक है।
सोमवार को कमलनाथ सरकार का फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन, इतना तय है कि यदि मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार गई तो उसका असर राजस्थान जैसे दूसरों राज्यों पर भी पड़ेगा। गुजरात, झारखंड और छत्तीसगढ़ के भी कॉन्ग्रेस विधायकों में असंतोष है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, और छत्तीसगढ़ के बाद अब झारखंड के कॉन्ग्रेसी विधायकों में असंतोष की खबर सामने आ रही है। इससे झारखंड में राज्यसभा की चुनाव रोचक हो गया है। प्रथम वरीयता के दो वोट सहयोगी दल को देकर जेएमएम भी किरकिरी से बचना चाहती है।
सियासी घमासान के बीच कमलनाथ सरकार ने कर्मचारियों का महँगाई भत्ता बढ़ा दिया है। कर्मचारियों का महँगाई भत्ता जुलाई 2019 से बढ़ाया गया है। आदिवासी नेता रामू टेकाम और राशिद सोहेल सिद्दकी को मध्य प्रदेश राज्य लोकसेवा आयोग का सदस्य बनाया है।