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केंद्र सरकार

नहीं होगा CBDT और CBIC का विलय, PIB ने बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट को बताया निराधार

बिजनेस स्टैंडर्ड ने एक आर्टिकल में दावा किया था कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) और केंद्रीय अप्रत्यक्ष एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) का विलय होने जा रहा है।

सब-कलेक्टर आसिफ के युसूफ को नहीं मिलेगा IAS अधिकारी का दर्जा, आरक्षण के लिए दिया था फर्जी दस्तावेज

थालास्सेरी के सब-कलेक्टर आसिफ़ के युसूफ़ को आईएएस अधिकारी का दर्जा नहीं दिया जा सकता है। मंत्रालय ने केरल के मुख्य सचिव को...

‘हथिनी ने गलती से विस्फोटक खा लिया’ – शुरुआती जाँच का यह एंगल खतरनाक और बहुत ही असंवेदनशील

जिस बयान में कहा गया कि हथिनी ने गलती से विस्फोटक खा लिया, उसका अनिवार्य मतलब है कि जानबूझकर खिलाने वाली अफवाह या खबर...

LockDown-5: 30 जून तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, पहले चरण में रेस्टोरेंट, धार्मिक स्थल, सैलून खोलने की इजाजत

फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, मेट्रो रेल का संचालन, सिनेमा हॉल, जिम, स्विमिंग पूल, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल पूरी तरह से बंद रहेंगे। आशंका जताई जा रही है कि सरकार तीसरे चरण में इस पर फैसला ले सकती है।

श्रमिक ट्रेनों के टिकट के पैसे कौन दे रहा? क्या सच में प्रवासी मजदूरों से वसूला जा रहा किराया?

श्रमिक ट्रेनों के किराए पर विवाद राजनीति से प्रेरित है। कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियाँ स्थिति को भयावह बनाना चाहती हैं।

कोरोना की हकीकत जानने में न मदद कर रही, न सुरक्षा दे रही बंगाल सरकार: IMCT

IMCT ने बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। असहयोग और संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा नहीं देने की बात कही है।

सरकार ने लॉकडाउन में दी बड़ी राहत: इन दुकानों को है खोलने की इजाजत, शराब की दुकान-शॉपिंग मॉल नहीं खुलेंगे

मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन में ग्रामीण इलाकों में, शॉपिंग मॉल की दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें खुलेंगी।

बिना काम पूरी मजदूरी, रहने-खाने की सुविधा, मकान किराया भी नहीं – DM/SP होंगे जिम्मेदार: सख्ती में मोदी सरकार

"प्रवासी मजदूरों के लिए उनके काम करने की जगह पर ही सभी तरह की सुविधाएँ मुहैया कराई जाए। मजदूरों को समय पर उनके वेतन का भुगतान हो। इस अवधि के लिए मजदूरों से किसी भी तरह के किराए (मकान/घर किराया) की माँग नहीं की जानी चाहिए।"

CAA पर केंद्र ने SC को सौंपा 129 पन्नों का जवाब, कहा- नागरिकता देना सरकार का अधिकार, कोर्ट का हस्तक्षेप है सीमित

सरकार के हलफनामे के बाद सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एस ए बोबडे ने कहा है कि अभी संविधान पीठ सबरीमाला के मामले की सुनवाई कर रही है। ये सुनवाई पूरी होने के बाद CAA मामले पर सुनवाई शुरू की जाएगी।

SC/ST एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने पलटा अपना फैसला, केंद्र सरकार के संशोधन को मंजूरी: मूल रूप में बना रहेगा कानून

एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों में पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों को सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है। अर्थात यदि किसी के खिलाफ इस कानून के तहत केस दर्ज किया जाता है, तो बगैर जाँच के उसकी गिरफ्तारी हो सकेगी।

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