एंजियो फर्नांडिस फेसबुक पर अपने असली नाम के साथ और इंस्टाग्राम पर zb.dark आईडी से अकॉउंट संचालित कर रहा था। इन्हीं प्लेटफॉर्म पर वह देवी-देवताओं का अपमान करते हुए तस्वीरें पोस्ट करता था।
भारत के अधिकांश शहरों में “संत” ज़ेवियर के नाम पर स्कूल-कॉलेज हैं। लेकिन गोवा में एक स्तंभ ऐसा भी है जिसे उसके अनुयायियों ने हिंदुओं के रक्त से सींचा था।
हिंदू युवा संगठन का कहना है कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं और हिंदू समुदाय में पूजनीय है। जालमी ने भगवान परशुराम को आतंकी और बलात्कारी बताया। इसके बाद से हिंदू समुदाय के सदस्यों में गुस्सा व्याप्त है। कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है।
यह खबर ऐसे वक्त में सामने आई जब पिछले हफ्ते ही सीएए का समर्थन करते हुए चार नेताओं ने पार्टी छोड़ दी थी। इनमें से तीन ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। इससे पहले पार्टी के दो तिहाई विधायक भाजपा के साथ चले गए थे।
"फ़रहान अख्तर CAA के बारे में कुछ नहीं जानते थे और सिर्फ़ लोगों को CAA के ख़िलाफ़ खड़े होने के लिए उकसा रहे थे, इस दौरान वो कई मीडिया चैनल्स और उनके कैमरों में कैप्चर हो गए थे। अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि इस विरोध के लिए लोगों को आमंत्रित करते समय उन्होंने भारत के ग़लत नक़्शे वाले पोस्टर का इस्तेमाल किया।"