1974 में तुर्की की सेना ने साइप्रस पर हमला किया था और द्वीपीय देश के 36% भू-भाग पर कब्ज़ा कर लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइप्रस की स्वतन्त्रता, सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करते हुए तुर्की को दबाव में डाल दिया।
अमित शाह ने आँकड़े गिनाते हुए कहा कि आज़ादी के बाद से भारत सरकार द्वारा अब तक जम्मू कश्मीर को 2,77,000 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर यह रुपया कहाँ गया, कौन खा गया? अमित शाह ने जम्मू कश्मीर में पर्यटन की संभावनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि यह एक विकसित राज्य बनेगा।
मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सूर्यकांत तिवारी की अदालत में यह मुकदमा वकील सुधीर कुमार ओझा ने दायर किया है। इसका आधार लोगों की भावनाएँ भड़काने को बनाया गया है। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया है और सुनवाई के लिए 21 अक्टूबर की तारीख तय की है।
"चूँकि इतिहास लिखने-लिखवाने की ज़िम्मेदारी उन्हीं लोगों के पास थी, जिन्होंने एक के बाद एक कई गलतियाँ की थीं, परिणामस्वरूप सही तथ्य लोगों तक नहीं पहुँच पाए और सच्चाई छिप गई। अब सही इतिहास लिख कर लोगों के सामने पेश करने का समय आ गया है। अब ग़लत इतिहास में सुधार करने का वक़्त आ चुका है।"
पाकिस्तान और तुर्की के साथ मलेशिया इस्लामी टीवी चैनल शुरू करने वाला है। ऐसे में पाकिस्तानी सुर में उसका कश्मीर राग अलापना चौंकाता नहीं है। नाइक के प्रत्यर्पण से बचते रहे मलेशिया ने जम्मू-कश्मीर पर क़ब्ज़ा करने का आरोप लगाया है।
प्रतिमा विहिप के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी स्थापित किया जाएगा। इस आयोजन की बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है। प्राण प्रतिष्ठा से पहले दुर्गा वाहिनी चार किलोमीटर की शोभा यात्रा निकालेगी। बजरंग दल के कार्यकर्ता मोटरसाइकिल रैली निकालेंगे।
"आज आप छात्रों के रूप में यहाँ हैं, हो सकता है कि कल आप उत्तर प्रदेश में प्रशासन का हिस्सा होंगे। हम एक लोकतांत्रिक समाज में रहते हैं। संचार महत्वपूर्ण है। हमारे जीवन में समृद्धि तभी आती है जब हम विकसित होते हैं।"
आतंकवादी सैनिकों की वर्दी में थे। उन्होंने ड्राइवर से बस रोकने के लिए कहा, लेकिन उसने बस नहीं रोकी। वह तेज़ी से निकला और निकटतम पुलिस चौकी को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया।
सिंगर और ऐक्ट्रेस रबी पीरज़ादा ने वीडियो के माध्यम से कहा था कि उनके दोस्त (साँप और मगरमच्छ) सीमा पार कर के भारत के लोगों को मारने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं, वो ये भी कहती दिखी थी कि भारत के लोग नरक में जाकर मरेंगे।
जम्मू-कश्मीर पर अफवाह फैलाने वालों में कई अन्तरराष्ट्रीय न्यूज़ पोर्टल्स भी शामिल हैं और कई बार उनके प्रोपगेंडा की पोल खुल चुकी है। अब दिन के समय प्रतिबंधों के हटते ही जम्मू-कश्मीर में आम जनजीवन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।