जैश और लश्कर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोल खुलने के कारण आईएसआई ने एक नए नाम से आतंकी संगठन तैयार किया है। इसका नाम अल-उमर-मुजाहिद्दीन (AUM) है। इसका अगुआ मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ मुश्ताक लातराम है।
लेफ्टिनेंट जेनरल केजेएस ढिल्लन ने बताया कि 6 अगस्त को पत्थरबाजों ने असरार खान को निशाना बनाया था। आज अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मौत के बाद श्रीनगर के कुछ इलाके में माहौल तनावपूर्ण है। एहतियात के तौर पर इलाके में फिर से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इस वीडियो में शफी खुद बताते नजर आ रहे हैं कि उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में उन्हें पत्थरबाजों ने मारा था न कि उन्हें कोई गोली लगी थी। उन्होंने बताया कि खिड़की के छेद से किसी ने उन पर पत्थर फेंका और इस समय वह अस्पताल में भर्ती हैं।
रबी पीरज़ादा पहले भी अजीबोगरीब व्यवहार के कारण सुर्ख़ियों में रही हैं। इससे पहले जब पाक पीएम ने महिलाओं को मुर्गीपालन कर रुपए कमाने की सलाह दी थी, तब पीरज़ादा ने कई मुर्गियाँ ख़रीद कर अपने घर में रखा था और वीडियो भी पोस्ट किया था।
खलील अहमद और नाजिम खोखर ने बताया कि रावलपिंडी सैन्य मुख्यालय में उनकी मुलाकात पाक सेना के कुछ बड़े अधिकारियों से कराई गई। इसके बाद कश्मीर में हमले के लिए 7 लश्कर आतंकियों का ग्रुप तैयार किया गया। इनमें 3 अफगानी मूल के आतंकी हैं।
टॉमस चेकोवस्की ने कहा कि कश्मीर में स्थानीय चुनावों के दौरान आतंकी हमलों की घटनाएँ सबसे ज्यादा हुई। जो नेता चुनावों में हिस्सा ले रहे थे, उन्हें धमकियाँ मिल रही थी। उन्होंने कहा कि ज्यादातर पाकिस्तानी आतंकी संगठन पीओके से ही संचालित हो रहे हैं।
खान ने कहा कि कश्मीर के हालात अब पूरी तरह से सामान्य हो रहे हैं। 75 फीसदी लैंडलाइन फोन और कुछ इलाकों में मोबाइल सेवा बहाल हो चुकी है। आने वाले दिनों में पाबंदियों में और छूट दी जाएगी।
हरिवंश ने कहा, "दुनिया जानती है कि कैसे पाकिस्तान ने अपने ही देश के एक हिस्से में नरसंहार किया, जिसे अब स्वतंत्र बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है...मैं पूछना चाहता हूँ कि इस देश को इस देश को मानवाधिकार से जुडे़ मुद्दों को उठाने का क्या अधिकार है?"
आईएसआई अधिकारियों और मौलवियों ने बीते हफ्ते बलूचिस्तान और पाकिस्तानी पंजाब के इलाकों का दौरा किया है। इसका मकसद आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए नए लड़कों की बहाली करना है।