कपिल गुर्जर ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उसको परिवार में होने जा रही एक शादी की तैयारी के लिए अक्सर लाजपत नगर जाना पड़ता है और इस कारण वह रोज-रोज के ट्रैफिक जाम से ऊब गया था। अब उसके भाई व पिता से पूछताछ हुई है।
अरविंद केजरीवाल पिछले करीब डेढ़ महीने से घर में बैठकर तमाशा देख रहे हैं। दिल्ली में छात्रों पर हमले हो रहे हैं, अगर बच्चे ही दिल्ली में सुरक्षित नहीं हैं, तो कौन सुरक्षित है? लेकिन अब साफ़ हो गया है कि इन हमलों के पीछे किसका हाथ है और दिल्ली में कपिल गुर्जर को कौन लेकर आया था।
इससे पहले आप नेता संजय सिंह ने कहा था कि, यह कैसे संभव है कि देश की राजधानी दिल्ली में एक अकेला व्यक्ति आसानी से गोली चला रहा है और खुलेआम हथियार लहरा रहा है?"
दिल्ली पुलिस के मुताबिक शरजील अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आना चाहता था। वह आर्टिकल 370, अयोध्या और सीएए को लेकर मुस्लिमों को कड़ी प्रतिक्रिया देने के लिए लगातार भड़का रहा था।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए सड़क को दोनों ओर दो स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाई है। इसके साथ ही धरने में शामिल होने वाले लोगों की कड़ाई से जाँच की जा रही है। धरने से करीब 100 मीटर दूर बेरिकेडिंग लगाई गई है।
"मौके पर गोली के खाली राउंड नहीं मिले हैं। इसके अलावा, कथित हमलावर किस गाड़ी से आए थे इस पर लोगों के अलग-अलग बयान हैं। कुछ का कहना कि वे एक स्कूटर पर आए थे कुछ उसे फोर व्हीलर बता रहे थे।"
कपिल मायावती का बड़ा प्रशंसक है, जिसने मायावती के समर्थन में यूपी के विधानसभा चुनावों में जमकर प्रचार किया था। हालाँकि पेंच यह भी है कि जून 2017 से ही आरोपित युवक कपिल का फेसबुक अकाउंट बंद है। अब इसे लेकर पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है और...
"हमें इनके प्रदर्शन से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सड़क खाली होनी चाहिए। ये लोग रामलीला मैदान, जंतर-मंतर या कहीं और प्रदर्शन कर लें। लेकिन धरना जल्दी से जल्दी खत्म कर सड़क खुलवाई जाए।"
साकेत ने ट्वीट कर दावा किया था कि उसे 'देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को' नारे के साथ रैली की अनुमति मिली है। बिना पुष्टि के कई मीडिया हाउस ने इसे हवा दी। इनमें प्रोपेगेंडा साइट द वायर से लेकर कॉन्ग्रेस मुखपत्र नेशनल हेराल्ड तक शामिल है।
शरजील ने देश को तोड़ने की पूरी तैयारी कर चुका था, जिसने प्लान तैयार किया था कि सीएए के विरोध में देश के सभी प्रमुख राजमार्गों पर चक्का जाम कर दिया जाए। इससे पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा हो जाएगा और इसके दवाब में आकर सरकार सीएए और एनआरसी को वापस ले लेगी।