अनैतिक मार्केटिंग के तीन “सी” (Convince, Confuse और Corrupt) का इस्तेमाल करने की पुरजोर कोशिश की गई और किसी तरह से Howdy Modi से कुछ अच्छा न निकल जाए, ये प्रयास हुआ। थोड़ी सी फजीहत पर जो मान जाए वो लिबटार्ड कैसा? इसलिए इतनी बेइज्जती पर उनका मन नहीं भरा।
"पूर्व में मैं भारत के बारे में जो कुछ भी जानता था, मुझे लगता था कि वहाँ स्थिति अच्छी नहीं है। वहाँ काफ़ी अनबन और लड़ाइयाँ होती रहती थीं। पीएम मोदी एक पिता की तरह सभी को साथ लेकर आए। पीएम मोदी ने चीजों को ठीक कर के एक अच्छा कार्य किया है।"
खुफिया एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद के 8 से 10 आतंकियों वाले एक मॉड्यूल को लेकर अलर्ट जारी किया है। आशंका है कि ये आतंकी भारतीय वायु सेना के ठिकानों को तबाह करने के लिए जम्मू-कश्मीर के आसपास आत्मघाती हमले को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं।
चाहे वो मोदी हों, मर्कल हों, मैक्राँ हों, जॉनसन हो या कोई वैसा राष्ट्र जो यह नहीं चाहता कि उसके किसी एयरपोर्ट पर, चर्च में, सड़क पर, पार्क में, मंदिर पर या बस-ट्रेन में बम फूटे, छुरा चले, ट्रकों से लोगों को रौंदा जाए, तो सबसे पहला काम तो वो यह करें कि एक स्वर में इस मुसीबत को उसके पूरे नाम से स्वीकारें कि हाँ, कट्टरपंथी आतंकवाद ने इन सारे देशों में दहशत फैलाई है, जानें ली है, परिवारों को तोड़ा है।
"भारतीय मूल के लोग अमेरिका के हर सेक्टर में काम कर रहे हैं, यहाँ तक कि सेना में भी। भारत एक असाधारण देश है और वहाँ की जनता भी बहुत अच्छी है। हम दोनों का संविधान 'We The People' से शुरू होता है और दोनों को ही ब्रिटिश से आज़ादी मिली।"
इमरान ख़ान सऊदी क्राउन प्रिंस के स्पेशल प्लेन से अमेरिका पहुँचे। फिर भी इमरान ख़ान के लिए रेड कार्पेट नहीं बिछा। वहीं पीएम मोदी के लिए यह तो बिछा ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
ऐसा पहली बार हो रहा है जब विश्व के दो सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता एक साथ किसी रैली को सम्बोधित कर रहे हैं। आप भी बनिए इस ऐतिहासिक पल का गवाह। 'Howdy Modi' में अमेरिका के कई नेता भी शामिल हो रहे हैं। ह्यूस्टन में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं।
कॉन्ग्रेस के युवा लेकिन प्रसिद्ध नेता जितिन प्रसाद ने जनसंख्या नियंत्रण मुद्दे को उठाते हुए कॉन्ग्रेस के लोगों को AICC के उस प्रस्ताव की भी याद दिलाई, जब 1998 में कॉन्ग्रेस ने पंचमढ़ी शिविर में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर व्यापक बहस और पॉलिसी बनाने की बात कही थी।
तुलसी गबार्ड ने लिखा कि राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार होने के कारण पहले से ही उनके कई चुनावी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसी व्यस्तता के कारण वह 'हाउडी मोदी' में हिस्सा नहीं ले पाएँगी। उन्होंने पीएम मोदी से उनके अमेरिकी दौरे के दौरान मुलाकात की उम्मीद जताई है।
इस ट्वीट पर भारतीयों द्वारा भी उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई गई। उन्हें कहा गया कि उनके पास दिमाग बच्चों वाला है और पाकिस्तान ने उन्हें विज्ञान और तकनीक मंत्री बनाया हुआ है।