देश के जवानों की मौत और प्रधानमंत्री के कार्यों पर सवाल उठाने वाले फारूक का नाम उन नेताओं की सूची में रह चुका हैं जिन्हें जान का खतरा होने पर सरकार द्वारा जेड प्लस सिक्योरिटी तक मुहैया कराई गई।
"दुनिया मुस्लिमों के प्रति चीन के पाखंड को बर्दाश्त नहीं कर सकती। एक तरफ चीन अपने यहाँ 10 लाख से अधिक मुस्लिमों को प्रताड़ित करता है, जबकि दूसरी तरफ वो हिंसक इस्लामिक आतंकी समूहों को यूएन के प्रतिबंध से बचाता है।"
इनमें से किसी ने पुलवामा हमले को जायज ठहराया था, किसी ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की निंदा की थी तो किसी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की प्रशंसा की थी। कुछ ने तो पुलवामा को आतंरिक साज़िश तक बता दिया। एक ने इमरान ख़ान को शांति का मसीहा बताया।
कथित तौर पर अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें यहूदी आराधनालयों समेत वो जगह भी शामिल हैं, जहाँ इज़रायली पर्यटक निवास करते हैं।
बीसीसीआई ने शहीदों के परिवारों की मदद के लिए आर्मी वेलफेयर फंड में 20 करोड़ रुपये दान दे दिए हैंं। यह रकम आईपीएल 2019 के ओपनिंग मुकाबले से ठीक पहले शनिवार को दिए गए। यह पैसा इंडियन प्रीमियर लीग के ओपनिंग सेरिमनी की जगह पर सेना और CPRF को दान किया गया है।
इमरान खान का ये बयान ऐसे वक्त आया है, जब पाकिस्तान पर मोदी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है। हाल ही में अमेरिकी सचिव माइकल आर पोम्पिओ ने भी भारत में हुए पुलवामा हमले को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दूसरी बार भारत में आतंकी हमला हुआ तो पाकिस्तान के लिए काफी दिक्कत हो सकती है।
पित्रोदा को पुलवामा हमले के बारे में पूरी जानकारी नहीं है, बावजूद इसके उनका कहना है कि हमले के बाद हमने जो रिएक्ट किया और कुछ जहाज़ भेज दिए वो सही तरीक़ा नहीं था।
CPEC के बुनियादी ढांचे पर चीन ने बहुत बड़ा निवेश किया है। इस निवेश की आड़ में चीन, पाकिस्तानी ख़ुफिया एजेंसी (ISI) और जैश को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रदान करता है। इसके बदले में उसे अपने प्रोजेक्ट में किसी भी तरह के आतंकवादी हमला न होने की गारंटी मिलती है।
आतंकवादी बुरहान वानी के प्रति उसके नाम की वजह से सहानुभूति रखकर उसे एक हेडमास्टर का बेटा बताने वाली बरखा दत्त कल से एक क्रांतिकारी अभियान पर हैं। बरखा दत्त किसी भी शर्त पर चाहती हैं कि आरोपित ब्रेनटेन टैरेंट को आतंकवादी घोषित किया जाए।