तो क्या लॉकडाउन का मतलब लाइफ का लॉक हो जाना? खाना-पीना सब बंद? नहीं। घबराएँ नहीं। आज की रात से पहले जो लॉकडाउन किया गया था, कुछ वैसा ही आगे भी मतलब 14 अप्रैल तक चलेगा।
चीन में हंता वायरस का यह मामला ऐसे समय पर आया है जब पूरी दुनिया वुहान से निकले कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है। चीन के युन्नान प्रांत में एक व्यक्ति की हंता वायरस से मौत हो गई। कोरोना वायरस से अब तक 16 हजार 500 लोगों की मौत हो गई है।
अमित कपूर लगातार अपने वीडियो में कहते हैं कि यह वायरस कोई बड़ा मुद्दा नहीं है बस आप को साफ़ सफाई का ध्यान रखना है, छींकते या खाँसते समय मुँह पर रुमाल रखिए।
"लॉकडाउन के साथ यह खतरा है कि अगर हम मजबूत जन स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु जरूरी कदमों को प्रभाव में नहीं लाते हैं तो आवागमन आदि गतिविधियों पर लगी रोक और लॉकडाउन खत्म होते ही, इस वायरस के वापस लौटने की आशंका बनी रहेगी।"
दक्षिण चीन में हुए रैपिड विकास के कारण वहाँ एनिमल प्रोटीन की माँग बहुत बढ़ चुकी है। इसमें रात्रिचर स्तनपाई civet (छोटे-पतले आकार के स्तनपाई) जैसे विदेशज जानवर भी शामिल हैं। इन्हें पिंजड़ों में ठूँस-ठूँस कर भर दिया जाता है। लोग बड़े चाव से...
इस तरह देखें तो लॉकडाउन की वैसे तो कोई ठीक-ठीक परिभाषा मौजूद नहीं है, लेकिन आमतौर पर संक्रमण को रोकने के लिए सरकारें इस तरह के कदम उठाती हैं। लॉकडाउन में सरकार का लक्ष्य यह होता है कि लोग यहाँ-वहाँ कम आएँ-जाएँ। जनता का आवागमन बाधित हो, जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
शिवाजी सब कुछ छोड़ कर भक्तिभाव से तुकाराम के साथ रहना चाहते थे, किन्तु तुकाराम ने उनसे कहा कि आप जो कर रहे हैं वही आवश्यक है। परामर्श के लिए समर्थ गुरु रामदास से मिलने को कहा। समर्थ गुरु रामदास ने शिवाजी का योग्य मार्गदर्शन किया।
विश्व खुशहाली रिपोर्ट में पाकिस्तान को 66वाँ खुशहाल देश बताना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। आखिर किस आधार पर उसे यह रैंकिंग दी गई, क्योंकि गैलप के सर्वे ने तो पाकिस्तान की जनता की नाखुशी और नापसंदगी को जाहिर कर ही दिया और वहाँ की अर्थव्यवस्था तो माशाल्लाह!!! ताज्जुब की बात है कि फिर भी रैंकिंग में 66वाँ खुशहाल देश?