ममता ने इन वारदातों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि उन्हें हिंसा फैलाने के लिए भाजपा से रुपए मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 'राज्य की बाहरी ताक़तों' ने मुस्लिम समुदाय का हितैषी होने का दावा करते हुए ये तड़फोड़ मचाई।
"अगर उनमें से 70% लोग अमित शाह का समर्थन करते हैं, तो बीजेपी यहाँ सत्ता में आ जाएगी। तब आप अपना सिर नहीं उठा सकेंगे, जैसा वे (बीजेपी) उत्तर प्रदेश में करते हैं। तब कोई भी सड़कों पर नहीं आएगा।"
मालदा, उत्तर दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिले में इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई है। नदिया, बीरभूम, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा जिलों में हिंसा, लूट और आगजनी की घटनाएँ सामने आई हैं।
ऐसा लगता है कि ममता ने विधानसभा चुनाव से पहले अपना वोट बैंक दॉंव पर लगा दिया है। मुस्लिम साथ बने ही रहेंगे, इसकी गारंटी नहीं है। ओवैसी सेंधमारी को तैयार हैं। इधर, मुस्लिम दंगाइयों के कारण हिन्दुओं में से अधिकतर भाजपा की तरफ रुख करते दिख रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में एम्बुलेंस और गाड़ियों पर भी पथराव किया गया। हिंसक विरोध-प्रदर्शन में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। शुक्रवार को, प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा ज़िले में भी उग्र प्रदर्शन किए। उन्होंने उलुबेरिया रेलवे स्टेशन पर हिंसात्मक गतिविधियों को अंजाम दिया।
उन्होंने कहा कि उनके साथ वही हो रहा है, जो औरंगज़ेब ने छत्रपति शिवाजी के साथ किया था। राज्यपाल ने कहा कि सरकार में पाँच-छह ऐसे मंत्री हैं जो उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें सूचित किए बिना ही विश्वविद्यालयों में वीसी की नियुक्ति कर दी जा रही है।
ममता ने मालदा में महिला को जलाकर मारे जाने की घटना की पुष्टि की है। इस मामले का जब लोकसभा में स्मृति ईरानी ने जिक्र किया था तो टीएमसी के सांसद हंगामा करने लगे थे।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। TMC के गुंडों ने इस बार उत्तर 24 परगना के बीजेपी के भाटपारा विधायक पवन सिंह के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की और विधायक पर बम से हमला भी किया।