कल तक वहाँ लोगों को 7,329 किट वितरित की जा चुकी है। इनमें बिस्किट, राशन, कंबल, पका खाना, तिरपाल, पानी की बोतलें, कपड़े, बर्तन और फर्स्ट एड किट्स शामिल हैं।
RSS मुख्यालय में प्रणब मुखर्जी ने देश के प्राचीन इतिहास से लेकर उसकी संस्कृति तक जो कुछ कहा था, वह बीते कल में भी प्रासंगिक था और आने वाले कल में भी प्रासंगिक रहेगा।
प्रचार विभाग द्वारा चलाए जा रहे 'प्रेरणा' केन्द्र की ओर से सोशल मीडिया पर संघ के कार्यों को लेकर कुछ प्रमुख आँकड़ें पेश किए हैं। संघ कार्यकर्ताओं द्वारा किए.....
इंद्रेश कुमार ने अपील करते हुए कहा है कि रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम न सिर्फ जकात के पैसे गरीबों को दान करें, बल्कि पीएम केयर फंड में भी जमा कराएँ।
देश में जारी लॉकडाउन के बीच दिल्ली में चार लाख लोगों को हर रोज भोजन कराने का केजरीवाल सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब एक महिला दिल्ली सरकार के मंत्री के पास राशन की माँग को लेकर पहुँची थी। इसके बाद मंत्री ने महिला को 'सेवा भारती' से जुड़े एक व्यक्ति का नंबर थमा दिया।
इससे पहले भी आरएसएस के स्वयंसेवक सिर पर काली टोपी और खाकी हाफ नेकर पहने हाथ में सेनेटाइजर लेकर लोगों के हाथ साफ कराने में लगे हुए थे। वहीं दूसरी दूसरी तस्वीर में स्वयंसेवक हाथ में लाउडस्पीकर लिए लोगों को कोरोना से बचाव के उपाय बता रहे थे। साथ ही लोगों को घरों से न निकलने की अपील कर रहे थे। इतना ही नहीं स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों को मास्क भी बाँटे।
आप इस वीडियों में देख सकते हैं संघ के स्वयंसेवक हाफ पैंट पहने और हाथों में झाडू लिए केरल के एक अस्पताल में सफाई करने में जुटे हुए हैं। आप इन तस्वीरों और सोशल मीडिया पर आई वीडियो के देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि स्वयंयेवक किस तरह से अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए घरों से बाहर निकलकर लोगों की सेवा में लगे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती को भारत का सबसे बड़ा ग़ैर सरकारी संगठन माना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1977 में हुई थी। इससे पहले वर्ष 1952 में गोरखपुर में पाँच रुपए किराए के मकान से संघ की प्रेरणा से कुछ स्वयंसेवकों ने शिशु मंदिर की शुरूआत की थी। आज पूरे देश में विद्या भारती के अंतर्गत कुल मिलाकर 30,000 शिक्षण संस्थाओं में 9,00,000 शिक्षकों के मार्गदर्शन में 45 लाख छात्र-छात्राएँ शिक्षा और संस्कार प्राप्त कर रहे हैं।