आरोपित लुकमान ने बताया कि एक और लड़के कलीम ने हिन्दू बच्ची का नम्बर लिया था। वहीं सोहेल मंसूरी ने बताया कि उसने सितम्बर से हिन्दू बच्ची से बात करता था और उन्हें कैफे लेकर जाता था।
कोर्ट ने माना कि यह मामला एक मामूली विवाद का परिणाम था, जब दोनों पक्षों ने साथ रहने की इच्छा को व्यक्त किया तो फैसला इसी तथ्य को आधार बनाकर सुनाया गया।