5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। हमने जब सत्ता संभाली तो देश की इकॉनमी 2 ट्रिलियन डॉलर की थी, हमने पिछले 5 सालों में इसमें 1 ट्रिलियन डॉलर और जोड़ा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "टेक्सास में भयानक गोलीबारी। रिपोर्ट बहुत खराब हैं, कई मारे गए। राज्य और स्थानीय अधिकारियों के साथ काम रहा हूँ। गवर्नर से भी बात किया हूँ और पूरी मदद का भरोसा दिया हूँ।"
ईरान के अमेरिकी ड्रोन मार गिराने की खबर के बाद से ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रूड यानी कच्चे तेल की कीमतों में आग लग चुकी है। कुछ ही मिनटों में क्रूड की कीमतों में 3% से ज्यादा का उछाल देखा गया। अगर दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बने रहते है या युद्ध की नौबत आती है तो कच्चा तेल के दाम में 10% की बढ़ोतरी का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है।
5 भारतीय सैटेलाइट ने उस क्षेत्र पर लगातार नजर बनाए रखी थी, जो फोनी चक्रवात का रूप ले रहा था। इसरो द्वारा भेजे गए सैटेलाइट हर 15 मिनट पर ग्राउंड स्टेशन पर इससे संबंधित डेटा भेज रहे थे, जिससे फोनी को ट्रैक करने और उसके मूवमेंट के बारे में सही- सही पूर्वानुमान लगाया जा सके।
भारत सरकार के आँकड़ों के अनुसार चीन को 18.1584 बिलियन यूएस डॉलर का एक्सपोर्ट किया गया था जोकि 2017 के मुक़ाबले क़रीब 15.2 फ़ीसद अधिक था। चीन इस बात को बहुत अच्छी तरह से जानता है कि भारत का बढ़ता कारोबार उसके लिए सोने की खान से कम नहीं है।
24 घंटे के भीतर अमेरिका से तीन ख़बरें आई। तीनों एक से बढ़कर एक। तीनो ख़बरें भारतीय कूटनीति की सफलता का परिचायक तो हैं ही, साथ ही चीन-पाकिस्तान के अलग-थलग पड़ने का संकेत भी देती है।
अमेरिका के एनएसए जॉन बॉल्टन ने बीते शुक्रवार सुबह जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से फोन पर बात करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की थी।
USA की World Threat Assessment रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण। इस रिपोर्ट में भारतीय लोकसभा चुनाव से लेकर आतंकवाद और भारत-चीन, भारत-पाकिस्तान रिश्ते पर बात की गई है।
बता दें कि तुलसी अमेरिकी कॉन्ग्रेस में चुनी जाने वाली न सिर्फ पहली हिन्दू महिला हैं बल्कि राष्ट्रपति की दावेदारी पेश करने वाली पहली हिंदू-अमेरिकी दावेदार भी हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू-अमेरिकी दावेदार होने का मुझे गर्व है।
इस पूरे प्रकरण के बाद दावा किया गया कि अमेरिका में भारतीय दूतावास के सामने भारतीय झंडा जलाया गया। लेकिन वहाँ की मीडिया ने इस दावे की मिट्टी पलीद कर दी।