सीबीआई के अनुसार एसआईटी की जाँच में गैप है, क्योंकि जाँच से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तियों को एसआईटी द्वारा कभी बुलाया ही नहीं गया। एजेंसी यह भी पता लगाना चाहती है कि कहीं राजीव कुमार किसी के निर्देशों के तहत तो ऐसा नही कर रहे थे?
नागेश्वर राव ने इसे पूरे छापे को एक प्रोपेगेंडा करार दिया। इससे पहले 30 अक्टूबर 2018 को उन्होंने एक बयान जारी कर एंजेला मर्केंटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड से कोई भी संबंध होने से इंकार किया था।
इस प्रदर्शन के दौरान एनसीपी के कार्यकर्ताओं नें कुत्तों के गले में पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तख्तियाँ डाली। साथ ही सरकार पर आरोप मढ़ा कि सरकार ने सीबीआई का दुरुपयोग किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर को मानहानि याचिका पर नोटिस भी भेजा है। इस मामले पर अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
प्रशांत भूषण ने शुक्रवार को कई ट्वीट करते हुए लिखा था कि सीबीआई प्रमुख नागेश्वर राव की नियुक्ति के मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया।
बंगाल प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी के प्रमुख सोमेंद्र नाथ मित्रा ने भी ममता बनर्जी को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि अगर पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार निर्दोष हैं, तो फिर वह पूछताछ से क्यों बच रहे हैं?
कुछ दिन पहले ही केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने विजय माल्या से सम्बंधित बैंक खातों में धनराशि को अवरुद्ध करने के लिए स्विस अधिकारियों से अनुरोध किया था, साथ ही उसके खातों का विवरण प्रदान करने की भी माँग की थी।
सत्ता में बने रहने के लिए ममता बनर्जी राहुल या अन्य विपक्षी पार्टियों का साथ चाह रही हैं जबकि वे सत्ता में आने के लिए। ऐसे में चुनाव बाद समीकरण किसके पक्ष में होगा, कौन किसको आँखें दिखाएगा - कहना मुश्किल है।