सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिव्यु पेटिशन डाली है। इसमें चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में जमानत देने वाले दिल्ली हाई कोर्ट की तीन जजों की बेंच के आदेश को चुनौती दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रपति को अनुच्छेद 370 से ही एक पब्लिक नोटिफिकेशन के ज़रिए उसे निरस्त करने की शक्ति मिली हुई थी। साथ ही कहा गया है कि यह एक अस्थाई प्रावधान था जिसे जोड़ने का मकसद राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था था।
"राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार मुझे परेशान कर रही है। राज्य की पुलिस एक महिला के आत्महत्या के मामले में मेरी बेटी और परिवार के सदस्यों के फोन टैप कर रही है, साथ ही पीछा भी करती है। इस मामले में मुझे 2 बार क्लीन चिट मिल चुकी है, इसके बावजूद कॉन्ग्रेस सरकार ने इस केस को दोबारा से चालू किया है।"
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (24 अक्टूबर) को जम्मू-कश्मीर प्रशासन से कहा कि वे राष्ट्र हित के नाम पर पाबंदियाँ लगा सकते हैं। लेकिन, समय-समय पर इनकी समीक्षा भी होनी चाहिए। न्यायमूर्ति एनवी रमण की अगुआई वाली एक पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसके जवाब में बताया कि प्रशासन रोज़ाना इन प्रतिबंधों की समीक्षा कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा आईएनएक्स घोटाले मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जमानत मिल गई है। हालाँकि, चिदंबरम को अब भी घर नहीं जा पाएँगे, क्योंकि उन्हें ये राहत सीबीआई द्वारा दायर केस में मिली है। जबकि वह अब भी प्रवर्तन निदेशालय...
वसीम रिजवी ने दावा किया कि अयोध्या की विवादित ज़मीन सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की संपत्ति है ही नहीं, वो शिया वक़्फ़ बोर्ड की संपत्ति है। इसके पीछे तर्क देते हुए उन्होंने कहा कि बाबर के जिस सेनापति ने इस मस्जिद को बनवाया था, वो एक शिया मुसलमान था।
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ संत रविदास मंदिर की 400 वर्गगज जमीन सरकार की ओर से बनाई जाने वाली समिति को सौंपने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
राजदीप सरदेसाई के इस बदले सुर से सभी हैरान हैं। अपनी ही बात से पलट गए हैं। पहले उन्होंने जल्दी सुनवाई ख़त्म करने का स्वागत किया था, अब वह पूछ रहे हैं कि इतनी जल्दी भी क्या है? उन्होंने गिरगिट की तरह रंग बदला है। राजदीप जजों को ही खरी-खोटी सुनाने लगे।
साल 2017 में अक्टूबर के महीने में कथित सेक्स टेप वायरल हुआ था, जिसमें छत्तीसगढ़ के एक मंत्री का नाम सामने आया था। बाद में इस मामले में एक की गिरफ़्तारी भी हुई थी। मामले को तूल पकड़ता देख राज्य सरकार ने यह मामला CBI को सौंप दिया था।