अगली बार कोई एन्टीसैप्टिक क्रीम वाले लोग ऐसा विज्ञापन बनाएँगे जिसमें किसी नमाज़ पढ़ने जाते बच्चे पर हिन्दू बच्चों ने बम उछाल दिया हो, और उसकी चमड़ी जल जाए। बाद में पता चले कि वो तो हिन्दू ही था जिसने अपने मजहबी दोस्त के लिए टोपी पहनकर बम झेला! फिर आप चुपके से अपनी क्रीम बेच लेना यह कहकर कि साम्प्रदायिक सद्भावना का परिचायक है यह विज्ञापन।
अब सोशल मीडिया पर असत्यापित विज्ञापन पोस्ट करने पर आयोग कार्रवाई करेगा। इसके अलावा चुनाव प्रचार के लिए सेना के जवानों के फोटोज भी इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे। इतना ही नहीं, फेक न्यूज़ पर भी चुनाव आयोग की कड़ी नज़र रहेगी।
पुलवामा आतंकी हमले और एयर स्ट्राइक्स के बाद लगातार कुछ लोगों द्वारा भारतीय सेना और सरकार पर सवाल उठाकर, पाकिस्तान तक अपना प्रेम जताने वाले के विरोध में ये ट्रेंड दिखता है।
पेशी के दौरान फेसबुक के वैश्विक नीति प्रमुख ने अपने कुछ कर्मचारियों द्वारा पुलवामा हमले और आतंकवाद को लेकर की गई असंवेदनशील टिप्पणियों पर स्टैंडिग कमिटी से माफी भी माँगी।
ये लोकतंत्र है, इसमें हर व्यक्ति की अभिव्यक्ति का मूल्य बराबर है। आपकी अभिव्यक्ति किसी सामान्य नागरिक की अभिव्यक्ति से ऊपर कैसे हो जाएगी? आपको लगता है कि जो ज्ञानधारा आप बहाते हैं, वही निर्मल है, और आम जनता सीवेज़ का पानी फेंक रही है।
वागले ने इंदिरा गाँधी को कार्टून-प्रेमी साबित करने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें याद दिलाया गया कि आपातकाल के दौरान महान कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण को हताश होकर देश छोड़ना पड़ा था। इंदिरा ने उन्हें चेतावनी दी थी।
ये वीडियो देखें और जानें कि दुश्मन से घिरे, ख़ून से लथपथ और आँखों पर पट्टी बंधी होने के बावजूद भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनन्दन वर्तमान ने पाकिस्तानी सेना को कैसे ट्रोल किया। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके इस अंदाज को ख़ूब सराहा।
फ़र्ज़ी खबर फ़ैलाने वाले इस ट्विटर एकाउंट को कॉन्ग्रेस पार्टी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी से लेकर कॉन्ग्रेस सांसद शशि थरूर फॉलो करते हैं। प्रियंका चतुर्वेदी जिस तरह से रोजाना फ़र्ज़ी खबर और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए पाई जाती हैं, इसकी वजह शायद यही है कि उनकी सूचनाओं के स्रोत और 'कच्चे माल' की निर्भरता इस तरह के फेक न्यूज़ एकाउंट्स हैं।