दिल्ली के मंगोलपुरी में बजरंग दल के कार्यकर्ता रिंकू शर्मा की निर्मम हत्या से पूरा देश सकते में हैं। दूसरी ओर, करीब 100 'कलाकार' और 'लेखकों' ने मुनव्वर फारूकी के समर्थन में झंडा उठाया है।
अयोध्या में भूमि पूजन हो चुका है। निधि समर्पण अभियान चल रहा है। ऐसे में सहज जिज्ञासा हो सकती है कि इस सवाल का क्या तुक है? वजहें ठोस है और हर हिंदू के लिए जानना जरूरी है।
हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले मुनव्वर फारूकी की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रोहित आर्य ने कहा कि ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।