केजरीवाल सरकार की अपील के बाद भी शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों का सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इक तरफ चीन के बुहान शहर से तेजी से फैली महामारी ने दुनियाँ को बंद कर दिया है। तो वहीं दूसरी ओर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर कुरान पढ़ रहे हैं। यह मानते हुए कि अल्लाह उन्हें कोरोना के संकट से बचाएगा।
अभी तक भारत में कोरोना वायरस के चलते तीन मौत हो चुकी हैं, इनमें पहली कर्नाटक, दूसरी दिल्ली और तीसरी मौत महाराष्ट्र में हुई है। वहीं देश में कोरोना वायरस के अब तक 126 मामले सामने आ चुके हैं।
शाहीन बाग के सवाल पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के कारण 50 से ज्यादा लोगों के इक्ट्ठा होने का आदेश शाहीन बाग पर भी लागू होगा। हम 50 लोगों से अधिक के किसी भी कार्यक्रम की इजाजत नहीं देंगे, चाहे प्रोटेस्ट हो या कुछ और। यह नियम सभी जगह पर लागू होगा। उपजिलाधिकारी के पास कार्रवाई का पॉवर है। वह पुलिस के साथ जाकर कार्रवाई करें।
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिर्फ़ अगस्त से लेकर जनवरी तक में आप सरकार ने प्रचार-प्रसार पर 43 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें से 29 करोड़ रुपए तो केवल बीते दिसंबर और जनवरी में खर्च किए गए।
कन्हैया कुमार और उसके साथियों के खिलाफ बीते साल जनवरी में ही पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया था। लेकिन केजरीवाल सरकार फाइल पर कुंडली मारे बैठी थी। दबाव बढ़ने पर अब उसने देशद्रोह का केस चलाने को मॅंजूरी दे दी है।
दिल्ली दंगों पर केजरीवाल की यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में सामने आई है जब बलिदानी कॉन्स्टेबल रतनलाल के घर पहुॅंचने पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था। साथ ही देर रात जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों और पूर्व छात्रों ने उनके घर का घेराव भी किया था।
दिल्ली में शांति बहाली को लेकर अमित शाह के नेतृत्व में हाई लेवल मीटिंग हुई। इस दौरान पुलिस-विधायकों के बीच समन्वय, पर्याप्त बल की तैनाती और अफवाहों को नियंत्रित करने पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।
एक तरफ अघोषित नीति के तहत फेल होने वाले बच्चों का एडमिशन नहीं लिया जाता। दूसरी तरफ कहानियॉं सुनाकर उनको खुश दिखाने का प्रोपेगेंडा रचा जा रहा है। पर दुर्भाग्य से यह कसरत भी आधी-अधूरी ही है।
दिल्ली दंगों के दौरान केजरीवाल सरकार पर बहुत सवाल उठे। जाने-माने पत्रकारों से लेकर कई बड़ी हस्तियों ने उनसे इस मामले पर बोलने की गुहार लगाई। लेकिन अपनी मनमानी चलाने के विख्यात केजरीवाल को ये आलोचना रास नहीं आई और उन्होंने फौरन उन्हें अनफॉलो कर दिया।
"गृह मंत्री अमित शाह जी से मिला। बहुत ही फलदायी मुलाकात रही। दिल्ली से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। हम दोनों सहमत हुए कि दिल्ली के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।"