एनआईए ने हसन अली और हरीश मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। दोनों ने पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया था कि आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए उन्होंने पैसे की व्यवस्था और अन्य तैयारियाँ की थी।
शिकंजा कसने पर जेएमबी ने कुछ समय के लिए अपनी गतिविधियाँ बंद कर दी थी। लेकिन सलाउद्दीन अहमद और जहीदुल इस्लाम की अगुवाई में वह दोबारा पैर पसारने लगा है और अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने की फिराक में है। हाल ही में भारत सरकार ने जेएमबी को प्रतिबंधित किया है।
इस साल मई के महीने में नागालैंड के मोन जिले के अंतर्गत असम राइफल्स 40 रेजिमेंट के जवानों के पर उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था। इसके बाद दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियाँ चली थी। इस हमले में असम राइफल्स के 2 जवान शहीद हो गए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान कुल 63 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। इस पाँचों आरोपितों पर आतंकी हमले की साज़िश रचने और आतंकियों की मदद करने का मामला चलाया जा रहा था। कई बार इस मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी सुनवाई हुई।
भारत-पाकिस्तान मैच के बाद का जश्न देश अभी ठीक से मना भी नहीं पाया, तभी मातम की खबर आ गई। यह खबर आई है जम्मू कश्मीर से, जहाँ आंतिकयों ने पिछले 24 घंटे के भीतर 4 अलग-अलग हमले किए। इन हमलों में हमारे 3 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। ऑपइंडिया की ओर से उनको श्रद्धांजलि।
खबरों के मुताबिक जब आतंकवादियों ने नगीना पर गोली चलाई, उस समय आतंकी उसके घर में घुसने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने आतंकियों को ढूँढने के लिए तलाशी अभियान चालू कर दिया है।
इसी बीच जम्मू-कश्मीर के पुलवामा और शोपियाँ से खबरें आ रही हैं कि गुरुवार (मई 16, 2019) को शुरू हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 6 आतंकियों को ढेर कर दिया है। इस दौरान एक जवान वीरगति को प्राप्त हो गया जबकि दो अन्य के जख्मी होने की खबर हैं।
यह एक आत्मघाती हमला था, जिसमें सूफी दरगाह की सुरक्षा में लगे 'इलीट फ़ोर्स' की गाड़ी को निशाना बनाया गया। ये धमाका सुबह 8.45 के क़रीब हुआ, जब पुलिस की मोबाइल वैन दरगाह के पास पार्क की गई थी। शुरूआती जाँच से पता चला है कि इस हमले में 7 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री का प्रयोग किया गया।