इस कैंप का नेतृत्व आतंकी मसूद अजहर के बेटे यूसुफ अजहर द्वारा किया जा रहा है। इस कैंप में तैयार किए जा रहे 27 आतंकियों में से 8 आतंकी POK से हैं। इनकी ट्रेनिंग इस हफ्ते खत्म हो जाएगी, जिसके बाद ये भारत में आतंकी मनसूबों को अंजाम देने के लिए...
आतंकी सलाउद्दीन बोधगया और खागड़ागढ़ धमाकों में भी वांछित है। NIA की टीम उत्तर 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद, मालदह, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार जिलों में उसकी तलाश कर रही है।
घंटों चली मुठभेड़ के बाद हिजबुल के 3 आतंकियों को ढेर कर दिया। मारे गए तीन आतंकियों में एक नाम आदिल डार का भी है। जो कुछ समय पहले एसपीओ की नौकरी छोड़ आतंकवादी बना था और पूर्व विधायक अहमद डार के घर से सुरक्षाकर्मियों की राइफल लेकर फरार हो गया था।
"मैं 65 से ज्यादा धमाके कर चुका हूँ और अब तक मुझ पर सिर्फ़ तीन आरोप ही साबित हुए हैं। मैंने पुलिस वालों को धमाके में मारा और अब तक वह खुद पर हुए हमले के साक्ष्य नहीं जुटा पाई, इसी से अंदाजा लगा लो क्या स्थितियाँ हैं।"
सितंबर 2009 में आइएसआइ एजेंट इम्तियाज सचेंडी से पकड़ा गया था। सितंबर 2009 में बिठूर से आइएसआइ एजेंट वकास गिरफ्तार किया गया। सितंबर 2011 में आइएसआइ एजेंट फैसल रहमान उर्फ गुड्डू को एटीएस ने रेलबाजार से गिरफ्तार किया।
चलने-फिरने में असमर्थ लेकिन हत्या, बलात्कार, धर्म के नाम पर कत्लेआम और धार्मिक विरासत स्थलों को नष्ट करने का आदेश देता था यह ISIS आतंकी मुफ्ती। रेप के बाद लड़कियों-औरतों को गुलाम बनाने के लिए भी दिया था फतवा।
परोल पर बाहर निकलने के बाद जलीस मुंबई अपने घर आया था। लेकिन, परोल खत्म होने से ठीक पहले वह गायब हो गया। उसके बेटे ने पुलिस को बताया था कि वह नमाज पढ़ने की बात कह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
तीनों आतंकी आपस में बातचीत करने के लिए ऐसे ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसमें कम्युनिकेशन खत्म होते ही टेक्स्ट अपने-आप डिलीट हो जाते थे। इन्हें शहर की दीवारों पर लगे पोस्टरों से बड़े नेताओं की जानकारी जुटानी थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआईएस के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये दिल्ली-एनसीआर और यूपी में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। जफर अली भी इसी आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है।