Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयरेप के बाद लड़कियों-औरतों को गुलाम बनाने का फतवा दिया था 'मोटे आतंकी' ने,...

रेप के बाद लड़कियों-औरतों को गुलाम बनाने का फतवा दिया था ‘मोटे आतंकी’ ने, ट्रक में लादकर ले जाना पड़ा जेल

मुफ्ती को ISIS गिरोह के टॉप नेताओं में से एक माना जाता है। बताया जा रहा कि कई हत्या, बलात्कार और अपहरण के पीछे मुफ्ती का हाथ था।

हाल ही में इराक के मोसुल में एक छापे के दौरान रेप और धर्म के नाम पर सफाया (कत्लेआम) करने का समर्थन करने वाले एक बेहद मोटे आईएसआईएस कट्टरपंथी मुफ्ती को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे एक फ्लैटबेड ट्रक पर लाद कर ले गई, क्योंकि वह पुलिस की गाड़ी में फिट नहीं हो रहा था।

बताया जा रहा है कि इसका वजन 130 किलोग्राम था। इसे ट्रक में बिठाकर ले जाने की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। मुफ्ती अबू अब्दुल बारी, जिसे शिफा अल-नीमा के नाम से भी जाना जाता है, को मोसुल शहर में नौवें रेजिमेंट की एक स्वाट पुलिस टीम द्वारा गुरुवार (जनवरी 16, 2019) को गिरफ्तार किया गया था।

इराकी पुलिस का कहना है कि मुफ्ती को ISIS गिरोह के टॉप नेताओं में से एक माना जाता है। बताया जा रहा कि कई हत्या, बलात्कार और अपहरण के पीछे मुफ्ती का हाथ था। इसके साथ ही मुफ्ती ने मोसुल के धार्मिक विरासत स्थलों को भी नष्ट करने का आदेश दिया था।

इराकी पुलिस ने अपने एक बयान में कहा कि मुफ्ती अबू अब्दुल बारी फतवे जारी करने के लिए जिम्मेदार था, जिसके कारण विद्वानों और मौलवियों की हत्या हुई। जानकारी के मुताबिक मुफ्ती ने अपने अनुयायियों को हत्या करने, रेप करने, गुलाम बनाने जैसे सभी गंदे कामों को अंजाम देने के लिए फतवा दिया था। मुफ्ती पर 2014 में मोसुल में पैगंबर यूनुस के मकबरे को नष्ट करने का आदेश देने का भी आरोप है।

मैकर गिफोर्ड, जो सीरिया में ISIS के खिलाफ लड़ रहे हैं और फिलहाल ‘मानवाधिकार कार्यकर्ता और आईएसआईएस विरोधी प्रचारक’ हैं, ने मुफ्ती की गिरफ्तारी पर खुशी जाहिर करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में इसे पुरुष, महिलाओं और बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया और लिखा कि इस जानवर ने बलात्कार किया और हत्या कर दी। ब्रिटिश कार्यकर्ता और काउंटर-चरमपंथी थिंक-टैंक के संस्थापक मौजिद नवाज ने भी इस गिरफ्तारी का स्वागत किया।

वो ISIS आतंकी जिसने की थी इंदिरा गाँधी से लव मैरिज, जिहाद के लिए दिया तलाक… क्योंकि वो हिंदू थी

डाक्यूमेंट्स जला दो पर सरकार को मत दिखाओ, रोज़ 10 मुस्लिमों को बताओ: हिंसक प्रदर्शन में ‘ISIS का हाथ’

900 ISIS आतंकियों ने अफ़ग़ानिस्तान में किया सरेंडर, 10 महिलाएँ-बच्चे केरल से: रिपोर्ट

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -