भारत सरकार के आँकड़ों के अनुसार चीन को 18.1584 बिलियन यूएस डॉलर का एक्सपोर्ट किया गया था जोकि 2017 के मुक़ाबले क़रीब 15.2 फ़ीसद अधिक था। चीन इस बात को बहुत अच्छी तरह से जानता है कि भारत का बढ़ता कारोबार उसके लिए सोने की खान से कम नहीं है।
24 घंटे के भीतर अमेरिका से तीन ख़बरें आई। तीनों एक से बढ़कर एक। तीनो ख़बरें भारतीय कूटनीति की सफलता का परिचायक तो हैं ही, साथ ही चीन-पाकिस्तान के अलग-थलग पड़ने का संकेत भी देती है।
जानिए कैसे चीन ने विकसित की Anti-Satellite तकनीक और किया उसका सफल परीक्षण। क्या था उस समय दुनिया की प्रतिक्रिया? उसके बाद के घटनाक्रमों का विस्तृत विवरण। रूस-अमेरिका के ऐसे परीक्षणों के बारे में जानकारी।
2018 में चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग और प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच बीजिंग में एक बैठक के बाद, चीन ने कहा था कि वह पाकिस्तान को वित्तीय संकट से उभरने के लिए सहायता की पेशकश करने को तैयार है।
पिछले 5 वर्षों में चीन ने इस्लामिक 13,000 आतंकियों को गिरफ़्तार किया है। जबकि, संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि चीन ने उइगरों के फोन में जबरन सर्विलेंस ऐप डाउनलोड करवाए।
CPEC के बुनियादी ढांचे पर चीन ने बहुत बड़ा निवेश किया है। इस निवेश की आड़ में चीन, पाकिस्तानी ख़ुफिया एजेंसी (ISI) और जैश को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रदान करता है। इसके बदले में उसे अपने प्रोजेक्ट में किसी भी तरह के आतंकवादी हमला न होने की गारंटी मिलती है।
भारत आज पेड़ लगाने के मामले में विश्व के सभी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। केवल 24 घंटों में ही भारत में 5 करोड़ पेड़ लगाए जाते हैं। हाल ही में NASA की रिसर्च और नेचर सस्टेनेबिलिटी में छपे लेख के अनुसार आज के समय की तस्वीर और 1990 के मध्य के समय की तस्वीर को साथ देखा गया
आरएसएस के स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संयोजक डॉक्टर अश्विनी महाजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान की ही तरह चीन से भी मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस लेने की माँग की है।
नेहरू ने सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता ठुकरा कर 'दोस्त' चीन का नाम सुझाया। सेनाधिकारियों ने चीन के मंसूबे बताए तो उल्टा उन्हें ही झिड़क दिया। अंबेडकर की बातों को नज़रअंदाज़ किया। सरदार पटेल की राय भी नहीं मानी। आज भारत उसके दंश झेल रहा।