आरोप कहा कि दरगाह हज़रतबल पर जुमत-उल-विदा नामक की दुआ के दौरान शहादा देने (ये दोहराना कि अल्लाह के सिवा कोई ईश्वर नहीं) और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी राजौरी और बारामूला के लोगों से वादा किया था कि वह पहाड़ी समुदाय को एसटी का दर्जा दिया जाएगा। अब ये वादा पूरा हो गया है।