1989 में पहली बार उग्र इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने मंदिर पर हमला बोला था। इसके बाद 24 फरवरी 1990, 13 अप्रैल 1991 और फिर 8 मई 1992 को इस मंदिर पर हमले हुए।
अधिकारियों ने कहा कि सुरंग से लगभग 8-10 प्लास्टिक सैंडबैग बरामद किए गए हैं। इन बैगों पर 'कराची और शकरगढ़' लिखा हुआ है। बैग पर मैनुफैक्चरिंग और एक्सपायरी की तारीख भी है, जो यह दिखाता है कि उनका निर्माण हाल ही में किया गया था।
“मैं इर्तिका जावेद, पुत्री जावेद इकबाल शाह, निवासी फेयरव्यू हाउस गुपकर रोड, श्रीनगर, कश्मीर-190001, अपने पासपोर्ट में अपनी माँ का नाम महबूबा मुफ्ती से बदलकर महबूबा सैयद कराना चाहती हूँ।”
मोजो में दिखाई गई तस्वीर शोपियां की है जिसका दावा कठुआ जिले का होने से किया गया है। जिस पर फ़ोटोग्राफ़र अहमर ख़ान ने ट्विटर पर बरखा दत्त और उनके मीडिया वेंचर से जवाब माँगा है।
वीडियो 3 आतंकवादियों ने मिल कर बनाया है जो इस हमले में शामिल थे। वीडियो में यह साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे वह घात लगा कर छिप कर हमले की तैयारी कर रहे थे।