भारत के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज जलियाँवाला बाग स्मारक के नए स्वरुप को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ वामपंथियों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
केंद्र सरकार के फैसले का कॉन्ग्रेस, वामपंथियों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग द्वारा विरोध उनके दशकों के प्रयास से गढ़े गए नैरेटिव के ध्वस्त होने की छटपटाहट है और उस छटपटाहट की तुलना में बहुत छोटी है जो दशकों तक हिंदुओं ने झेली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो ओलंपिक में गए भारतीय खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री आवास में एक दावत दी, जहाँ वो खुद भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने उनसे बातचीत भी की।
भारतीय कानून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2024 का चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं देता है। यह दावा ट्विटर पर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता एंड्रिया डिसूजा उर्फ रिया ने किया है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में आलोचना के लिए हमेशा स्थान रहेगा और परंपरा के अनुसार विपक्ष प्रधानमंत्री के भाषण को एक निरुत्साह वाला भाषण भी बता सकता है पर एक आम भारतीय के लिए उनका संबोधन आशा देता है और उसे प्रेरित भी करता है।