इन टीमों के कार्यक्षेत्र में हॉटस्पॉट्स, हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर, आपदा प्रबंधन, राज्यों की सहायता, लॉकडाउन के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति......
“हमें ब्लड प्रेशर की दवा नहीं मिल रही है। इस क्षेत्र में पुलिस बहुत सख्त है। सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं है। मेरे पिता बुजुर्ग हैं और कई बीमारियों से पीड़ित हैं। मुझे इस बात का भी भरोसा नहीं है कि मुझे मेरा अगला वेतन मिलेगा या नहीं।”
"सरकार हमें काम करने की अनुमति नहीं दे रही है। क्या अब हम भूख से मरने वाले हैं? हम जानते हैं कि हमने आंदोलन के लिए इतने सारे लोगों को इकट्ठा करके अपने जीवन को जोखिम में डाला, लेकिन कोई विकल्प नहीं था।"
जर्नलिस्ट चित्रा त्रिपाठी आजतक का शो एंकर कर रही थीं। उन्होंने अपने शो में कह दिया कि ममता बनर्जी ने राज्य में लॉकडाउन को इस महीने की 40 तारीख तक बढ़ा दिया है।