घटना शुक्रवार की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार झड़प में कम से कम 2 पुलिसकर्मी और 10 भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए। पुलिस ने आँसू गैस के कई राउंड फायर किए और लाठी चार्ज किया। भाजपा ने पुलिस पर लगाया टीएमसी के इशारों पर काम करने का आरोप।
स्टिंग ऑपरेशन में मिर्ज़ा ख़ुद यह कहते हुए दिखे कि वे तृणमूल कॉन्ग्रेस के कई मंत्री, सासंद, विधायक व नेताओं के काफ़ी क़रीबी हैं। नारद न्यूज़ पोर्टल ने जो स्टिंग ऑपरेशन किया था, उसमें मिर्ज़ा को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते देखा गया था।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "वे जल्द ही संसद में नागरिक संशोधन विधेयक पेश करेंगे और इसके आधार पर NRC पर जाँच शुरू होगी। उन्होंने लोगों से कहा, पश्चिम बंगाल में पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिन्दू रह सकेंगे और बाकी अवैध प्रवासियों को बाहर किया जाएगा।"
"अगर राजीव कुमार मुँह खोलते हैं तो कई प्रभावशाली लोग मुश्किल में होंगे। शारदा चिटफंड घोटाले में तृणमूल कॉन्ग्रेस के कई शीर्ष नेताओं एवं मंत्रियों से सीबीआई पूछताछ कर चुकी है और कई को गिरफ़्तार भी कर चुकी है। इसीलिए उन्हें सदा के लिए चुप कराया जा सकता है।"
सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम ने कहा, "केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो लड़कियों से पूछ रहे हैं कि वे बदन पर चिपकने वाले कपड़े क्यों पहन रही हैं। बाबुल सुप्रियो ने एक लड़की से यहाँ तक कहा कि वो उसके रुम में आए फिर वो बताएँगे कि....."
बाबुल सुप्रियो के पोस्ट के वायरल होने के बाद देबंजन की माँ रुपाली बल्लव, जो कि 3 साल से कैंसर पीड़ित है, ने बीजेपी नेता से बेटे को माफ कर देने की गुहार लगाई। और उनकी गुहार पर बाबुल सुप्रियो ने छात्र के खिलाफ एफआईआर न कराने की बात कही।
एक्ट्रेस से सांसद बनने का सफर तय करने वालीं नुसरत जहां और मिमी चक्रवर्ती ने माँ दुर्गा के एक गाने पर साथ में डांस किया। इन दोनों सासंदों के डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लेकिन कुछ कट्टरपंथियों को नुसरत का देवी दुर्गा के लिए डांस करना नहीं भाया और...
तुमने सत्ता में रह कर ऐसा क्या किया कि तुम्हें हर जगह से नकार दिया गया? फिलहाल 2-3 यूनिवर्सिटी तक सिमट चुके हो। वहाँ भी जब तुम छात्रसंघ जैसी संस्था के अध्यक्ष बन जाते हो, तो अपने विरोधियों के द्वारा बुलाए लोगों को कैम्पस में घुसने तक नहीं देते, हिंसा पर उतर आते हो! आखिर तुम किस लोकतांत्रिक तरीके की बात करते हो?
जाधवपुर यूनिवर्सिटी अक्सर वामपंथी छात्र संगठनों की करतूतों से चर्चा में रहता है। 2016 में जेएनयू की तरह यहॉं के भी छात्रों ने अफजल के समर्थन में नारे लगाए थे। 2014 में सरेआम एक-दूसरे को चुंबन लेकर अपनी अभिव्यक्ति का इजहार किया था। अब विरोध के नाम पर न केवल केंद्रीय मंत्री के साथ बदतमीजी की गई है, बल्कि राज्यपाल को भी परिसर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की गई ।