"इस वायरस का पेटेंट एक अमेरिकी कम्पनी शिरॉन ने अमेरिकी सरकार से 2006 में प्राप्त किया था। 2014 में इसकी वैक्सीन के पेटेंट के लिए उन्होंने यूरोप में अप्लाई किया था। इसका पेटेंट कुछ वर्षों में दे देना चाहिए था जो कि नवंबर 2019 तक नहीं दिया गया।"
कुछ पाकिस्तानियों ने चीन को क्लीनचिट देते हुए दावा किया कि उससे ज्यादा तो कोरोना को फैलाने के लिए शिया जिम्मेदार हैं। सैयद अज़ीम ने लिखा कि इसे 'चाइनीज वायरस' की जगह 'शिया वायरस' कहना चाहिए।
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमले में कश्मीर कनेक्शन निकला है। साथ ही इस आतंकी के केरल से जुड़े होने की बात भी सामने आई हैं।
पाक सेना के टॉप अफसरों ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी कोरोना पॉजिटिव मरीज को आर्मी के घरों के करीब न रखा जाए। नतीजन बड़ी संख्या में गाड़ियों में बंद करके ये मरीज POK और गिलगिट-बाल्टिस्तान भेजे जा रहे हैं।
कल गुरूद्वारे पर हमले के बाद पूरा अफगानिस्तान अपने सिख-हिन्दू भाइयों के लिए उमड़ पड़ा और अपनी सहानुभूति व्यक्त कर उसके साथ खड़े होने की दृढ़ता दिखाई। इस हमले पर अभी तक तालिबान की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस्लामिक स्टेट ने इसकी जिम्मेदारी लेकर एक बार फिर अपना घिनौना चेहरा दुनिया के सामने रख दिया। इधर भारत में लिबरल-वामपंथी गिरोह इसको लेकर चुप्पी साधे हुए है। जैसे उसने सुकमा में नक्सली हमले के वक्त साधा था।
अदालत ने कहा कि सरकार पूरे मामले को लेकर गंभीर नहीं है। ईरान से समय पर तीर्थयात्रियों को वापस लाने के प्रयास नहीं किए गए। जब वे लौटे तो उन्हें घर जाने दिया गया, जबकि उन्हें 14 दिन तक अलग-थलग रखने की जरूरत थी। अब यही लोग संक्रमण के बड़े स्रोत बन गए हैं।
“ये दो मामले उन लोगों में से दर्ज किए गए हैं, जो गाजा वापस आए और यहाँ रहने वाले लोगों के साथ नहीं मिले।” अब यहाँ पर सीमित परीक्षण क्षमताओं के साथ इस क्षेत्र में पैनिक की स्थिति पैदा हो गई है। गाजा में लगभग 20 लाख लोगों की देखभाल के लिए मात्र 60 ICU बेड हैं।"
तानिया आइएस की तर्ज पर भारत में इस्लामिक राज्य की स्थापना करना चाहती थी। उसका सहयोगी मनाजीरुल इस्लाम भी पकड़ा गया है। वह भी तानिया की तरह छात्र है। इस्लाम भी लगातार पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में था।
विश्व खुशहाली रिपोर्ट में पाकिस्तान को 66वाँ खुशहाल देश बताना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। आखिर किस आधार पर उसे यह रैंकिंग दी गई, क्योंकि गैलप के सर्वे ने तो पाकिस्तान की जनता की नाखुशी और नापसंदगी को जाहिर कर ही दिया और वहाँ की अर्थव्यवस्था तो माशाल्लाह!!! ताज्जुब की बात है कि फिर भी रैंकिंग में 66वाँ खुशहाल देश?