अदालत ने तत्कालीन एएसपी पीरजादा नावीद के ख़िलाफ़ भी एफआईआर दर्ज करने का निदेश दिया है, जो अब रिटायर हो चुके हैं। आरोप है कि एसआईटी ने झूठे बयान देने के लिए गवाहों को प्रताड़ित किया था।
"इसके बाद सुदीप्तो ने मुझे आँखे बंद कर लेट जाने को कहा। साथ ही ऊपर के रेप सीन संबंधी डायलॉग बोलने को कहा। इसके बाद उन्होंने मुझे उंगलियों से छूना शुरू किया और कहा कि उनकी छुअन को सेंस करते हुए डायलॉग बोलूँ। फिर अचानक से उस शख्स ने..."
इलाके में करीब 600 घरों में से 65%, यानी 400 के आस-पास समुदाय विशेष के हैं। कथित तौर पर बलात्कारियों ने पीड़िता का कुरता नहीं उतारा- क्योंकि वह अनुसूचित जाति पासी की थी, जिसे स्थानीय समुदाय विशेष वालेअपने से 'नीचे' देखते हैं।
अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल के ख़िलाफ़ लगे आरोपों को खारिज करने से इनकार कर दिया था। तेजपाल को नवंबर 2013 में क्राइम ब्रांच ने गिरफ़्तार किया था। मई 2014 के बाद से वह जमानत पर बाहर हैं।
शक्ति की आराधना का पर्व शुरू हो गया है। ऐसे में बुद्ध-महावीर की धरती से इस वीडियो का सामने आना और इसमें पीड़िता द्वारा गिड़गिड़ाते हुए कही गई 2 पंक्तियाँ पूरे देश-समाज को झकझोड़ देने वाली है। सवाल है कि एक ग़रीब मजदूर अपनी बेटी के लिए न्याय माँगते हुए कहाँ-कहाँ भटकेगा?
पीड़िता का मेडिकल करवा कर आरोपितों को पॉक्सो एक्ट के तहत नामजद किया गया है। नाबालिग लड़की जिस जगह मिट्टी लेने गई थी, वह उसके घर से महज 300 मीटर दूर है। लौटते वक्त वह दादी के पीछे-पीछे चल रही थी। तभी आरोपितों ने अचानक से उसका मुॅंह कपड़े से दबा कर...
आरोपित पादरी वसई में एक प्रार्थना सेंटर चलाता है और तरह-तरह के रोगों को ठीक करने के दावे करता रहा है। वह इसके एवज में रुपए लिया करता था। लोग उसके प्रेयर सेंटर में आकर प्रार्थना करते थे और फिर वहाँ उनका 'उपचार' किया जाता था।
मैं जब इस समाज का हिस्सा होने के कारण सोचने लगता हूँ तो पाता हूँ कि ये चलता रहेगा क्योंकि मर्दों के दम्भ की सीढ़ी की अंतिम लकड़ी स्त्री पर अपने लिंग के प्रहार के रूप में ही परिणत होती है। पितृसत्ता का विकृत रूप यही है कि लड़की इस क्रूरतम हिंसा के विरोध में इस तरह से अपनी आत्मा को मार चुकी है कि जो करना है कर लो, पर वीडियो मत बनाओ।
आकिब पर अपने दो दोस्तों आदिल, नाजिक के साथ मिल कर एक दलित नाबालिग लड़की का बलात्कार करने और उसका अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। शनिवार को हुई इस घटना का मुख्य आरोपित मोहम्मद आदिल उर्फ़ छोटका उर्फ आतंकवादी को पुलिस पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी है। एक अन्य आरोपित नाज़िक को पहले ही ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
जब पीड़िता की तबियत खराब होने लगी तो उसने अपने माता-पिता को बताया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिन्होंने आरोपितों के विरुद्ध बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत आपराधिक मामला औद्योगिक क्षेत्र पुलिस थाने में दर्ज कर लिया। दोनों आरोपितों की तलाश जारी है।