''कल शाम को जिन्होंने तेलिनीपाड़ा में शांति भंग करने की कोशिश की, उनके खिलाफ तीव्र और कठोर कार्रवाई की गई है। स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लाया गया। तेलिनीपाड़ा अब शांतिपूर्ण है।”
ट्विटर पर साझा जानकारी में यह भी कहा गया है कि इन नामों को भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने आगामी राज्य सभा चुनावों के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक 10 मार्च को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।
मोहल्ला क्लीनिक में दवाएँ तो दूर न तो सुई है और न ही पट्टी। बीपी चेक कराने के लिए भी बाहर जाने को बोल दिया जाता है। वहीं दूसरे लोग कहते हुए सुनाई देते हैं कि मोहल्ला क्लीनिक अधिक समय तक बंद ही रहते हैं। इसी कारण लोग यहाँ आस-पास गंदगी फैलाते रहते हैं, जिससे ये अब मोहल्ला क्लीनिक नहीं, पेशाब घर बन चुके हैं।
गजब की सांगठनिक क्षमता, टारगेट को पूरा करने का मिशनरी अंदाज और मिलनसार व्यक्तित्व की वजह से ही बीजेपी के सामूहिक नेतृत्व द्वारा कई कद्दावर नेताओं को दरकिनार कर जेपी नड्डा को अमित शाह का उत्तराधिकारी चुना गया।
“50 लाख से ज्यादा मुस्लिम घुसपैठियों की पहचान की जाएगी, जरूरत हुई तो उन्हें देश से बाहर कर दिया जाएगा। उसके बाद ममता बनर्जी किसी का तुष्टीकरण नहीं कर पाएँगी। आने वाले चुनाव में उन्हें 50 सीटें भी नहीं मिलेंगी।”
"वह लोगों से बातचीत कर रहे थे। उसी समय स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में करीब 250 तृणमूल गुंडे एकत्र हुए और उन पर हमला कर दिया। उन्हें बचाने की कोशिश में भाजपा के दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए।"
यदियुरप्पा ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सिद्धारमैया ख़ुद अपने कुछ विधायकों को उनके पास भेज रहें हैं और वो राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।