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मध्य प्रदेश

UP ने दादी जैसी नाक देखी, MP ने दादी जैसे तेवर: एक ने पार्टी की नाक कटाई, दूसरे ने कॉन्ग्रेस की काटी

मध्य प्रदेश की सियासत का संदेश स्पष्ट है। भले जितनी मजबूत राजनीतिक विरासत मिले, निर्णायक जमीनी पकड़ ही है। यही कारण है कि कॉन्ग्रेस तमाम जतन के बावजूद अपनी सरकार बचाने में नाकाम रही। वरना विरासत की राजनीति तो कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार के चिरागों को भी मिली हुई है।

मध्य प्रदेश में शिव-राज का ये है गणित, फ्लोर टेस्ट से पहले ही कमलनाथ का इस्तीफा

मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। 2 विधायकों का निधन हो चुका है। कॉन्ग्रेस के 22 और बीजेपी के एक विधायक के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद 205 विधायक बचे हैं। यानी सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 103 विधायकों का समर्थन चाहिए। बीजेपी के पास 106 विधायक हैं।

फ्लोर टेस्ट से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं कमलनाथ! ​पढ़िए, सोनिया गाँधी की दुहाई देती चिट्ठी

सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत साबित करने के लिए आज शाम पॉंच बजे तक का वक्त दिया है। उससे पहले ही कमलनाथ के इस्तीफे की चर्चा जोरों पर है। मौजूदा गणित के हिसाब से बहुमत के लिए 104 विधायकों का समर्थन चाहिए। बीजेपी विधायकों की संख्या 107 है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: MP में जोड़-तोड़ को बढ़ावा ना देकर कल शाम 5 बजे तक हाथ उठाकर किया जाए फ्लोर टेस्ट

मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट को लेकर मचे घमासान पर सुप्रीम कोर्ट में आज बृहस्पतिवर को तीसरे दिन भी सुनवाई शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कल यानी शुक्रवार (मार्च 20, 2020) को सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाथ उठाकर बहुमत परिक्षण करवाने के भी निर्देश दिए।

भूख हड़ताल, हिरासत के बाद दिग्विजय सिंह को डबल झटका: HC ने नहीं सुनी, बीजेपी EC पहुॅंची

कमलनाथ सरकार पर मौजूदा संकट की बड़ी वजह माने जा रहे दिग्विजय सिंह ने बागी विधायकों से मुलाकात को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश जारी करने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी।

विधायकों के इस्तीफे पर फैसला कब? SC में गुरुवार को बताएँगे स्पीकर: कमलनाथ को फिर मोहलत

आपने विधायकों के इस्तीफे पर अभी तक फैसला क्यों नहीं लिया? आप संतुष्ट नहीं हैं, तो विधायकों के इस्तीफे को अस्वीकार कर सकते हैं? बजट सत्र टाल दिया, बजट पास नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार का कामकाज कैसे चलेगा? ये कुछ सवाल हैं जो शीर्ष अदालत ने मप्र विधानसभा के स्पीकर से पूछे हैं।

’20 और MLA छोड़ना चाहते हैं कॉन्ग्रेस, लेकिन उन्हें कैद में रखा गया है’ – बागी विधायकों का दावा, परेशान कमलनाथ!

बेंगलुरु में विधायकों ने दावा किया कि 20 और MLA उनके साथ हैं, लेकिन उन्हें कैद में रखा गया है। यदि वे भी बागी विधायकों के साथ होते, तो कॉन्ग्रेस स्पष्ट रूप से टूट जाती और इस पर कोई भी कानून लागू नहीं हो सकता था।

राज्यपाल के पत्र के बाद हड़बड़ाए कमलनाथ फिर पहुँचे राजभवन, BJP विधायकों से भी की मुलाकात

राज्यपाल से दोबारा चिट्ठी मिलने के बाद, कॉन्ग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री सीधे राजभवन पहुँचे। राज्यपाल के मुख्यमंत्री को फ्लोर टेस्ट के लिए दोबारा पत्र लिखने के बाद कमलनाथ की यह पहली मुलाकात होगी। इस मुलाकात में कमलनाथ के राज्यपाल से और समय माँगे जाने की बात कही जा रही है।

आपकी भाषा ठीक नहीं, कल बहुमत साबित करें वरना सरकार अल्पमत में मानी जाएगी: कमलनाथ को गवर्नर से झटका

कमलनाथ ने भी राज्यपाल टंडन को पत्र लिखा था, जिस पर राज्यपाल ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें लिखे गए पत्र की भाषा अशोभनीय है और संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं है।

कमल का ‘नाथ’ बना कोरोना: 26 तक विधानसभा स्थगित, उसी दिन राज्यसभा के लिए मतदान

सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर फ्लोर टेस्ट रोकने की माँग की थी। पत्र में उन्होंने कहा था कि वर्तमान परिस्थिति में फ्लोर टेस्ट कराना अलोकतांत्रिक होगा। कमलनाथ ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने कॉन्ग्रेस के कई विधायकों को कर्नाटक में बंदी बना लिया है। ऐसी स्थिति में फ्लोर टेस्ट कराना अलोकतांत्रिक है।

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