"ऐसे कई लोग हैं, जो अपने परिवार को सीमित करना चाहते हैं। लेकिन उनमें जागरूकता की कमी है। यदि आप पूरे एक वर्ष में एक व्यक्ति को प्रेरित नहीं कर सकते तो यह आपकी कार्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। ऐसे में करदाताओं के पैसे को वेतन पर खर्च करने का क्या फायदा?"
"भाजपा के लोगों हम हर चीज के लिए तैयार हैं। हम कॉन्ग्रेस के लोग हैं। बेईमानी, चोरी, लूट-घसोट, जुआ-शराब और अवैध कारोबार में हम लिप्त नहीं हैं। ये सारे काम आप करोगे और बदनाम कॉन्ग्रेस को करोगे। कॉन्ग्रेस का कोई भी माई का लाल..."
"अतिथि विद्वानों से कॉन्ग्रेस ने वादा किया था कि सरकार बनने पर हमारी माँगों को पूरा किया जाएगा। हमने साल भर तक इंतजार किया। उसके बाद ही हमने अपना आंदोलन शुरू किया। मगर आंदोलन शुरू होते ही अतिथि विद्वानों को नोटिस मिलना शुरू हो गया।"
मृतक की पत्नी हैंडपप से पानी लेकर बर्तन धो रही थी। कथित तौर पर रेंजर ने जातिसूचक गाली देनी शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर एक महिला अधिकारी ने सरोज की बेटी को बाल पकड़ घसीटना शुरू कर दिया। यह देख बीच-बचाव के लिए सरोज का पति दौड़ा, जिसकी गोली मार हत्या कर दी गई।
कमलनाथ-सिंधिया के बीच तल्खी बढ़ने की खबर सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए। बताया जा रहा है कि कमलनाथ के घर पर हुई इस बैठक में सिंधिया के साथ कई मुद्दों पर नोंकझोंक हुई। पूरे मामले से कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भी अवगत कराया गया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्य के किसानों से किए गए कर्जमाफी के वादे को पूरा नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दी थी। इस बारे में जब सीएम कमलनाथ से सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक कहा- तो उतर जाएँ।
"छत्रपति शिवाजी महाराज, जिन्होंने औरंगजेब के छक्के छुड़ा दिए थे, जो भारत के गौरव का प्रतीक हैं, उनका अपमान किया गया। उनकी प्रतिमा को गिराने के लिए जेसीबी मशीन। देश अपने महापुरुषों का अपमान सहन नहीं करेगा।"
मध्य प्रदेश में पहले तो तीर्थ दर्शन योजना के तहत चुने गए हजारों बुजुर्गों की यात्रा आखिरी समय में रद्द कर दी गई। उसके बाद कमलनाथ के मंत्री गोविंद सिंह ने इस योजना को बंद करने की वकालत करते हुए कहा कि आईफा अवॉर्ड जैसे आयोजन विकास के लिए जरूरी हैं।
इंदौर में फर्जी पासपोर्ट बनवाकर रहने वाले तीन बांग्लादेशी गिरफ्तार हुए हैं। आरोपित पहचान बदलकर ना सिर्फ इंदौर में रह रहे थे बल्कि देह व्यापार और नकली नोट का धंधा भी चला रहे थे। इस गिरोह की सरगना बांग्लादेशी महिला है। इसका असली नाम बेगम खातून है।