महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भारत सिर्फ़ जम्मू कश्मीर की जमीन चाहता है उसके लोगों को नहीं। इसलिए वह अनुच्छेद 370 के दोबारा बहाल होने तक कोई झंडा नहीं उठाएँगी।
“मैं इर्तिका जावेद, पुत्री जावेद इकबाल शाह, निवासी फेयरव्यू हाउस गुपकर रोड, श्रीनगर, कश्मीर-190001, अपने पासपोर्ट में अपनी माँ का नाम महबूबा मुफ्ती से बदलकर महबूबा सैयद कराना चाहती हूँ।”
"ये किसी परिवार की बनाई पार्टी नहीं है, इसका अध्यक्ष कोई भी इंसान दो कार्यकाल से ज्यादा के लिए नहीं हो सकता। हम पर बहुत सारी जिम्मेदारी है, क्योंकि उम्मीदें और चुनौतियाँ बहुत हैं।"
हिलाल अकबर लोन को कश्मीर घाटी में पाँच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को लागू किए जाने के मद्देनजर प्रशासन ने हिरासत में लिया था। इसके साथ ही नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, कॉन्ग्रेस, माकपा व अन्य दलों के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया था।