भारतीय वायुसेना के पायलटों ने राफेल उड़ाने की ट्रेनिंग पूरी कर ली है। ऐसे में विमान के अंबाला एयरबेस पहुॅंचते ही यह मोर्चे पर उड़ान भरने को तैयार होगा।
पूर्व वायुसेना प्रमुख ने कहा कि 26/11 के बाद पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमले के प्रस्ताव को तत्कालीन सरकार ने खारिज कर दिया था। इससे पाकिस्तान को यकीन हो गया भारत आतंकी हमलों का जवाब नहीं देगा। उसे उम्मीद नहीं थी कि भारत बालाकोट जैसी कार्रवाई कर जवाब देगा।
ये वही अरुण शौरी हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले को ही त्रुटिपूर्ण करार दिया था, जिसमें मोदी सरकार को राफेल मामले में क्लीनचिट दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद भी उन्होंने समीक्षा याचिका दायर की थी और अधिकारियों पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगाया था।
चाहे झूठ बोलना हो या फिर गबन का मामला। ये न केवल कानूनी रूप से गलत हैं, बल्कि नैतिक और सामाजिक तौर पर भी ये गुनाह ही माने जाते हैं। इन तमगों के लिए राहुल गॉंधी को सार्वजनिक तौर पर वैसे ही माफी मॉंगना चाहिए जैसे सुप्रीम कोर्ट से मॉंगी थी।
पूर्व एयर मार्शल बीएस धनोआ के अनुसार उनके बयान को राजनीति से जोड़ने वाले गलत साबित हुए हैं। उन्होंने एक बार फिर दोहराया है कि राफेल शानदार विमान है और वायु सेना इससे सशक्त होगी।
आने वाले दिनों में विषवमन ज्यादा होगा, रवीश जी ज्यादा लिखेंगे, ज्यादा बोलेंगे और अंतरात्मा को बार-बार बुलाएँगे। फिर भी आप इन धूर्तों को टीवी पर देखा कीजिए, इनके लेख पढ़ा कीजिए ताकि आपको पता चलता रहे कि नैरेटिव बनता कैसे है।
संजय झा के ट्वीट से ये बात तो साबित हो गई कि उन्होंने केवल अनिल अंबानी से माफी माँगकर उन पर तंज नहीं कसा, बल्कि राफेल पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी मजाक के तौर पर लिया है। कॉन्ग्रेस के इन्हीं नेताओं के कारण...
उस भूल के लिए अब सुप्रीम कोर्ट ने भी राहुल गॉंधी को बख्श दिया है। मोदी ने तो शायद आम चुनावों के नतीजों के बाद ही माफ कर दिया हो। लेकिन, क्या वे कॉन्ग्रेसी और वामपंथी राहुल गाँधी को कभी मन से माफ कर पाएँगे जिनके सपने में वे आज भी शपथ लेते रहते हैं?