अब तक राम मंदिर मामले को ही सबसे बड़ा माना जा रहा था, लेकिन इस पर फ़ैसला सुना दिए जाने के बाद अब सबकी निगाहें सबरीमाला मामले पर टिक गई है। धर्म और आस्था से जुड़ा यह मामला भी CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता में उनके रिटायरमेंट से पहले...
रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। लेकिन शनिवार-रविवार और छुट्टियों को हटा दें तो उनके पास आधिकारिक कार्य करने के लिए सिर्फ 8 दिन ही बचे हैं। इन 8 दिनों में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे 7 ऐसे बड़े मामलों के फैसले आने हैं, जो धर्म, रक्षा और राजनीति जैसे विषयों से संबंधित हैं।
राजनाथ ने हरियाणा की पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जमीनी स्तर पर काम किया है। कॉन्ग्रेस और इनेलोद के मुख्यमंत्री तो दिल्ली के इशारों पर सरकार चलाते थे।
"सभी धर्मों के लोगों को अपनी आस्था के अनुसार प्रार्थना करने का अधिकार है। यदि किसी और ने ऐसा किया होता, तब मैं इस पर कोई आपत्ति नहीं करता। मुझे लगता है कि कॉन्ग्रेस पार्टी में भी इस मामले पर राय बँटी हुई होगी। जरूरी नहीं है कि हर किसी की यही राय हो।"
"राफेल एयरक्राफ्ट पर 'ॐ' लिख कर और शस्त्र-पूजा कर के राजनाथ सिंह इसे धर्म के साथ जोड़ रहे हैं। यह औरों की तरह सिर्फ एक हथियार है, जिसे आप ख़रीद रहे हैं। दशहरा के त्योहार और राफेल का भला क्या मेल है?"
कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बार-बार राफेल जैसे मुद्दे को जनता के बीच उछालकर प्रधानमंत्री की छवि बिगाड़ने की लगातार कोशिश करते रहे, लेकिन परिणाम स्वरूप उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ के मुताबिक उन्होंने राहुल गाँधी अवमानना मामले और राफेल पर एक ही तारीख को सुनवाई करने का फैसला किया था तो फिर आखिर में दोनों मामलों से जुड़ी तिथियाँ अलग-अलग कैसे हो गईं?
राहुल गाँधी ने राफेल मामले पर हमेशा की तरह ही समर्थकों में जोश भरने के लिए झूठा बयान देते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि चौकीदार चोर है। इसी बयान को लेकर मीनाक्षी लेखी ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के ख़िलाफ़ आपराधिक अवमानना याचिका दाखिल की थी।