वामपंथी पोर्टलों पर नैरेटिव बदलने की कोशिशें जारी हैं। वो यह सोच रहे हैं कि साल भर बाद हिन्दू समाज और रिसते घावों को चाटती दिल्ली भूल गए होंगे कि साल भर पहले उसके सीने पर छुरा मारने वाले, और कपड़ों पर आग लगाने वाले लोगों की पहचान क्या थी।
आपको किसी ने जबरन तो नहीं कहा कि जियो का सिम ले लो और रिलायंस फ्रेश से ही सब्ज़ियाँ खरीदना? अडानी ने तो जबरदस्ती नहीं की आपके साथ? टाटा ने यह तो नहीं कहा कि मेरी कार नहीं लोगे तो मोदी को बता देंगे?
देश का हर नेता राजनीतिक के रास्ते पर चलते हुए आम नागरिकों को बहुत कुछ देता है, जब कभी ‘असदुद्दीन ओवैसी ने क्या दिया’ इस पर चर्चा होगी, तब इनके बारे में क्या कहा जाएगा?
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी कुछ हालिया कार्रवाइयों के बाद हुए बवाल के कारण अब अपनी छवि को 'सेक्युलरिज्म' से खिसका कर ’सॉफ्ट हिंदुत्व’ में कहीं फिट करने की जगह तलाश रहे हैं।
मस्जिद के भीतर सजावटी मेहराब, इस्लामी शैली की फिजरी और अरबी लिपि में उकेरे गए शब्दों को भी मिटा दिया गया है। चीन में इस तरह की गतिविधियाँ एक अभियान के तहत की जा रही हैं।
आज कविता कृष्णन, जिन्हें लव जिहाद के मामले रिसर्च करने पर भी नहीं मिल रहे, उनके लिए हम कुछ केस लेकर आए हैं ताकि लव जिहाद शब्द का अर्थ उन्हें व उन जैसे लोगों को समझ आ सके।