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सुप्रीम कोर्ट

‘कॉल गर्ल’ कहकर किसी लड़की को गाली देना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

"तुम एक कॉल-गर्ल हो, मेरा बेटा तुमसे शादी नहीं करेगा, हम अपने बेटे की शादी दूसरी जगह करेंगे।" - यह सुनने के अगले ही दिन पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले पीड़िता ने सुसाइड नोट में...

अयोध्या: मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट लीक होने से मुस्लिम पक्ष नाराज, ख़ारिज की शर्तें, याचिका दायर

मुस्लिम पक्षकारों के वकील एजाज मकबूल ने अयोध्या मामले में मध्यस्थता पैनल द्वारा की गई रिपोर्ट की सिफारिशों को अस्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है।

अयोध्या विवाद: केस लड़ते-लड़ते बिक गई मुस्लिम पक्षकार की 9 बीघा जमीन? करेंगे टैक्सी मरम्मत का काम

हाजी महबूब बाबरी मस्जिद के पैराकार हैं। इनका कहना है - "अब फ़ैसला आना तय है और इस मामले पर बहुतों ने बहुत कुछ बनाया, लेकिन मुझे पुरखों की ज़मीन से 9 बीघे ज़मीन इस केस के लिए बेचनी पड़ गई।"

अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिन सुनी दलीलें, 23 दिन के भीतर राम मंदिर पर आ जाएगा फैसला

अयोध्या मामले की सुनवाई 40 दिन चली है जो न्यायिक इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई है। दशकों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित राम मंदिर मसले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के लिए अब आपको बस 23 दिन और इंतजार करना पड़ेगा।

NDTV और Scroll ने बाबरी मस्जिद के पैरोकार राजीव धवन की करतूत छिपाने के लिए हेडलाइंस में किया खेल

स्क्रॉल ने अपनी ख़बर की हेडलाइन और सोशल मीडिया में शेयर टेक्स्ट ऐसा रखा, जिससे धवन की पहचान उजागर न हो। इसी तरह 'आउटलुक' ने भी सोशल मीडिया पर टेक्स्ट में कहीं भी धवन या सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड का जिक्र नहीं किया।

सुप्रीम कोर्ट में चिल्लाए बाबरी मस्जिद के पैरोकार, फाड़ डाले काग़ज़ात और नक़्शे: CJI ने फटकारा

शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान हिन्दू महासभा ने कुछ कागज़ात और नक़्शे दिए थे। अदालत में ही धवन ने उन्हें एक-एक कर फाड़ना शुरू कर दिया। जब मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उन्हें टोका तो उन्होंने कुछ और पन्ने फाड़ डाले।

राम मंदिर पर मुस्लिमों की विचित्र शर्तें: सरकार करे अयोध्या के मस्जिदों का रखरखाव

दावे से पीछे हटने के बदले में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने तीन शर्तें रखी है। उसने कहा है कि एएसआई के नियंत्रण में जितने भी धार्मिक स्थल हैं, उनकी स्थिति की जाँच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट एक समिति बनाए।

अयोध्या में 50-60 मस्जिद, मुस्लिम कहीं भी नमाज़ पढ़ सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट से बोले रामलला के 93 वर्षीय वकील

पराशरण ने कहा- यह राम का जन्मस्थान है, इसे बदला नहीं जा सकता। किसी को भी भारत के इतिहास को तबाह करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। कोर्ट को इतिहास की गलती को ठीक करनी चाहिए।

कोर्ट में स्वामी को देख भड़के मुस्लिम पक्षकार, जज से कहा- सिर्फ़ मेरे से सवाल पूछते हैं, हिन्दू पक्ष से नहीं

मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने जस्टिस बोड़बे के सवाल का जवाब देते हुए एक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर उनके स्वामित्व वाली ज़मीन पर कोई हाथ धोने का आग्रह करता है और वह इजाजत दे देते हैं तो इसका अर्थ ये नहीं कि ये ज़मीन उनकी ही हो जाए।

राम मंदिर: सुप्रीम कोर्ट में आखिरी दौर में सुनवाई, अयोध्या ज़िले में धारा-144 लागू

10 दिसंबर तक ज़िले में धारा-144 लागू रहेगी। इस मामले में 17 नवंबर तक फ़ैसला सुनाए जाने की उम्मीद है। मुस्लिम पक्ष 14 अक्टूबर तक अपनी दलीलें पूरी करेंगे। हिंदू पक्षकारों को अपना जवाब पूरा करने के लिए 16 अक्टूबर तक का समय मिलेगा।

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