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अयोध्या: मुस्लिम पक्षकार का ‘मोल्डिंग ऑफ रिलीफ’ मीडिया में लीक होने पर नाराज हुए CJI, पूछा ये सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने हर पार्टी को तीन दिन का वक्त दिया था कि वे सील बंद लिफाफे में मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर अपना पक्ष दायर करवा सकते हैं। जिसके मद्देनजर निर्मोही अखाड़े ने नोट दाखिल कर मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर आपत्ति जताई थी।

राम मंदिर का फैसला ‘भविष्य को ध्यान में रखकर’ सुनाएँ, SC से दूसरे पक्ष ने लगाई गुहार

"अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दूरगामी असर वाले परिणाम देखने होंगे, इसीलिए बेहतर होगा अगर सुप्रीम कोर्ट अपने इस ऐतिहासिक फैसले को कुछ इस तरह पेश करे, जिससे वह उन संवैधानिक मूल्यों का भी प्रदर्शन करे, जिन पर इस देश को भरोसा है।"

अयोध्या: हिन्दू-मुस्लिम पक्षों ने सीलबंद लिफाफे में जमा किए ‘मोल्डिंग ऑफ़ रिलीफ़’

हिंदू पक्षों ने मंदिर निर्माण और उसके प्रबंधन की देखरेख को शीर्ष अदालत को सुझाव दिए हैं। वहीं, मुस्लिम पक्षकारों ने यह बताया है कि यदि विवादित भूमि का मालिकाना अधिकार उन्हें नहीं मिलता है तो उस सूरत में क्या किया जा सकता है।

‘कॉल गर्ल’ कहकर किसी लड़की को गाली देना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

"तुम एक कॉल-गर्ल हो, मेरा बेटा तुमसे शादी नहीं करेगा, हम अपने बेटे की शादी दूसरी जगह करेंगे।" - यह सुनने के अगले ही दिन पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले पीड़िता ने सुसाइड नोट में...

अयोध्या: मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट लीक होने से मुस्लिम पक्ष नाराज, ख़ारिज की शर्तें, याचिका दायर

मुस्लिम पक्षकारों के वकील एजाज मकबूल ने अयोध्या मामले में मध्यस्थता पैनल द्वारा की गई रिपोर्ट की सिफारिशों को अस्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है।

अयोध्या विवाद: केस लड़ते-लड़ते बिक गई मुस्लिम पक्षकार की 9 बीघा जमीन? करेंगे टैक्सी मरम्मत का काम

हाजी महबूब बाबरी मस्जिद के पैराकार हैं। इनका कहना है - "अब फ़ैसला आना तय है और इस मामले पर बहुतों ने बहुत कुछ बनाया, लेकिन मुझे पुरखों की ज़मीन से 9 बीघे ज़मीन इस केस के लिए बेचनी पड़ गई।"

अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिन सुनी दलीलें, 23 दिन के भीतर राम मंदिर पर आ जाएगा फैसला

अयोध्या मामले की सुनवाई 40 दिन चली है जो न्यायिक इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई है। दशकों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित राम मंदिर मसले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के लिए अब आपको बस 23 दिन और इंतजार करना पड़ेगा।

NDTV और Scroll ने बाबरी मस्जिद के पैरोकार राजीव धवन की करतूत छिपाने के लिए हेडलाइंस में किया खेल

स्क्रॉल ने अपनी ख़बर की हेडलाइन और सोशल मीडिया में शेयर टेक्स्ट ऐसा रखा, जिससे धवन की पहचान उजागर न हो। इसी तरह 'आउटलुक' ने भी सोशल मीडिया पर टेक्स्ट में कहीं भी धवन या सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड का जिक्र नहीं किया।

सुप्रीम कोर्ट में चिल्लाए बाबरी मस्जिद के पैरोकार, फाड़ डाले काग़ज़ात और नक़्शे: CJI ने फटकारा

शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान हिन्दू महासभा ने कुछ कागज़ात और नक़्शे दिए थे। अदालत में ही धवन ने उन्हें एक-एक कर फाड़ना शुरू कर दिया। जब मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उन्हें टोका तो उन्होंने कुछ और पन्ने फाड़ डाले।

राम मंदिर पर मुस्लिमों की विचित्र शर्तें: सरकार करे अयोध्या के मस्जिदों का रखरखाव

दावे से पीछे हटने के बदले में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने तीन शर्तें रखी है। उसने कहा है कि एएसआई के नियंत्रण में जितने भी धार्मिक स्थल हैं, उनकी स्थिति की जाँच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट एक समिति बनाए।

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