ये वेबसाइट किस तरह से लोगों को भ्रमित करने के लिए समर्पित है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पर विशेष टैब बनी है जिसका शीर्षक है, “मुस्लिम किसे वोट डालें।”
सच्चाई यह है कि नमो फूड का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोई लेनादेना नहीं है। वास्तव में, नोएडा में इस नाम का एक रेस्टोरेंट है। जैसा कि फूड सर्च वेबसाइट जोमेटो में भी देखा जा सकता है, नमो फूड के नोएडा में 1 नहीं बल्कि 4 आउटलेट्स हैं। यहीं से पुलिसकर्मियों के लिए लंच ऑर्डर किया गया था।
शबाना द्वारा 29 सितंबर, 2017 को किया गया यह ट्वीट एक बार दोबारा चर्चा का विषय बना और फिर सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने-अपने तरीके से शबाना के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा की एक ग्राउंड रिपोर्ट में इस घटना से संबंधित एक और रोचक जानकारी सामने आई है क्योंकि लगभग 35 छात्र, जो कथित पीड़िता खानम के सहपाठी भी थे, ने स्पष्ट तथ्यों द्वारा इस घटना पर अपना पक्ष साझा किया।
भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। औसतन बात करें तो जहाँ 2016 तक कुछ सौ एमबी डेटा की ही खपत प्रति मोबाइल होती थी, वहीं अब अनुमानित तौर पर एक मोबाइल यूज़र हर महीने 10 जीबी डेटा का इस्तेमाल करता है।
इस तरह के विवादित चित्र देखकर पता चलता है कि भीमराव अम्बेदकर को हम सबने कितने गलत तरीके से पढ़ा है। हमने उनके नाम पर समाज को सवर्ण और दलित के टकराव में झोंका है। हमने अम्बेदकर की गलत व्याख्या कर के पवित्र मानकों को अपमानित कर एक बड़े हिस्से को ठेस लगाकर हम बाबा साहब अम्बेदकर के दोषी बन चुके हैं।
ट्विटर पर चुनावों के लिहाज़ से सक्रिय होने वाली कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने आज कश्मीरी पंडितों को उनके नए साल 'नवरेह' की शुरुआत पर 'नौरोज़' की बधाइयाँ दी हैं।
BSNL ने कहा कि BSNL इस तरह की किसी भी खबर से इनकार करता है। CMD ने यह तब कहा जब मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि BSNL 54,000 कर्मचारियों को हटाने का प्लान बना रहा है।
खानम ने आरोप लगाया कि छात्रों ने उसे बीजेपी की टोपी पहनने के लिए मजबूर किया। इसी के लिए उसे परेशान किया गया क्योंकि उसने वो टोपी पहनने से इनकार कर दिया था।
अमेरिका में बच्चों को साइबर क्राइम का शिकार होने से बचाने के लिए चिल्ड्रेन्स ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट के तहत एक कानून है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से ऐसे ही कानून बनाने पर राय माँगी है। मीडिया को भी टिक-टॉक पर बने वीडियो का प्रसारण रोकने को कहा गया।